क्या वित्त वर्ष 2027 में भारत के निर्माण क्षेत्र में 8-10 प्रतिशत की वृद्धि संभव है?

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क्या वित्त वर्ष 2027 में भारत के निर्माण क्षेत्र में 8-10 प्रतिशत की वृद्धि संभव है?

सारांश

भारत के निर्माण क्षेत्र में वित्त वर्ष 2027 में 8-10 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है। यह रिपोर्ट आईसीआरए द्वारा प्रस्तुत की गई है, जिसमें सड़कों से लेकर ऊर्जा क्षेत्र तक की कंपनियों की संभावनाओं पर चर्चा की गई है। जानिए, इस क्षेत्र का भविष्य क्या हो सकता है?

Key Takeaways

  • भारत के निर्माण क्षेत्र में 8-10 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है।
  • आईसीआरए ने 'स्थिर' नजरिया बनाए रखा है।
  • सड़कों पर काम करने वाली कंपनियों का प्रदर्शन कमजोर रह सकता है।
  • उर्जा क्षेत्र की कंपनियाँ अच्छी वृद्धि दिखा सकती हैं।
  • निर्माण क्षेत्र में मुनाफा 10.3 से 10.8 प्रतिशत के बीच रहने की उम्मीद है।

नई दिल्ली, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत के निर्माण (कंस्ट्रक्शन) क्षेत्र में वित्त वर्ष 2026-27 में 8 से 10 प्रतिशत तक की आय बढ़ोतरी की उम्मीद है, जो वित्त वर्ष 2026 में अनुमानित 6 से 8 प्रतिशत की तुलना में थोड़ी बेहतर मानी जा रही है। यह जानकारी गुरुवार को जारी रेटिंग एजेंसी आईसीआरए की रिपोर्ट में सामने आई है।

रेटिंग एजेंसी आईसीआरए ने भारतीय निर्माण क्षेत्र के लिए अपना नजरिया ‘स्थिर’ बनाए रखा है। इसका मतलब है कि आने वाले समय में इस क्षेत्र की स्थिति संतुलित बनी रहने की उम्मीद है।

आईसीआरए के वाइस प्रेसीडेंट और को-ग्रुप हेड सुप्रियो बनर्जी ने कहा कि सड़कों पर काम करने वाली निर्माण कंपनियों का प्रदर्शन कुछ कमजोर रह सकता है। वहीं, शहरी बुनियादी ढांचे, सिंचाई परियोजनाओं और ऊर्जा क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों की वृद्धि अच्छी रहने की संभावना है।

रिपोर्ट में बताया गया कि जो निर्माण कंपनियां अलग-अलग क्षेत्रों में काम करती हैं, उनकी वित्तीय स्थिति बेहतर होगी। लेकिन, जो कंपनियां केवल सड़क निर्माण या जल जीवन मिशन पर निर्भर हैं, उन्हें निकट भविष्य में कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

निर्माण क्षेत्र की कुल आर्थिक बढ़त (जीवीए) वित्त वर्ष 2026 में घटकर 6.5 से 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2025 में यह बढ़त 9.4 प्रतिशत थी।

वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में निर्माण क्षेत्र की वृद्धि 7.2 प्रतिशत रही, जो पहली तिमाही के 7.6 प्रतिशत से थोड़ी कम थी। फिर भी, यह लगातार 12वीं तिमाही तक 7 प्रतिशत से ऊपर बनी रही।

30 सितंबर 2025 तक, वित्त वर्ष 2025 की परिचालन आय के आधार पर ऑर्डर बुक-टू-बिलिंग अनुपात करीब 3.7 गुना था, जो संतोषजनक स्तर बनाए रखता है। इसका मतलब है कि आने वाले समय में कंपनियों की आय बढ़ने की संभावना बनी हुई है।

इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा काफी ज्यादा है, फिर भी कंपनियों का मुनाफा स्तर स्थिर रहने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2026 और वित्त वर्ष 2027 में मुनाफा 10.3 से 10.8 प्रतिशत के बीच रह सकता है। इसका कारण कच्चे माल की कीमतों का स्थिर रहना और काम का बेहतर प्रबंधन है।

आईसीआरए का मानना है कि निर्माण कंपनियों का नकदी प्रबंधन चक्र वित्त वर्ष 2026 में भी 2025 जैसा ही बना रहेगा।

Point of View

यह कहना महत्वपूर्ण है कि भारत के निर्माण क्षेत्र की वृद्धि का प्रभाव न केवल आर्थिक दृष्टिकोण से, बल्कि रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास पर भी पड़ता है। इस क्षेत्र में विकास की संभावनाएं सकारात्मक संकेत देती हैं, जिससे देश की समग्र आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
NationPress
01/01/2026

Frequently Asked Questions

भारत के निर्माण क्षेत्र में वृद्धि की उम्मीद क्यों है?
भारत के निर्माण क्षेत्र में वित्त वर्ष 2027 में 8-10 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है, जो कि शहरी बुनियादी ढांचे और ऊर्जा क्षेत्र में संभावनाओं के कारण है।
आईसीआरए की रिपोर्ट में क्या कहा गया है?
आईसीआरए की रिपोर्ट में निर्माण क्षेत्र का नजरिया 'स्थिर' बताया गया है, जिसका मतलब है कि आने वाले समय में इस क्षेत्र की स्थिति संतुलित रहने की उम्मीद है।
निर्माण कंपनियों के लिए क्या चुनौतियाँ हो सकती हैं?
जो कंपनियाँ केवल सड़क निर्माण या जल जीवन मिशन पर निर्भर हैं, उन्हें निकट भविष्य में कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
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