क्या त्रिपुरा में सड़क सुरक्षा के लिए सरकार की नई पहल प्रभावी होगी?

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क्या त्रिपुरा में सड़क सुरक्षा के लिए सरकार की नई पहल प्रभावी होगी?

सारांश

त्रिपुरा में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने नई नीतियों का कार्यान्वयन शुरू किया है, जिसमें 'नो हेलमेट, नो पेट्रोल' और 'नो हेलमेट, नो अटेंडेंस' शामिल हैं। यह कदम सड़क दुर्घटनाओं और मौतों की संख्या को कम करने के लिए उठाया गया है। क्या यह पहल सचमुच प्रभावी होगी?

Key Takeaways

  • सड़क सुरक्षा के लिए नई नीतियाँ लागू की जा रही हैं।
  • हेलमेट का उपयोग अनिवार्य किया गया है।
  • जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

अगरतला, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाले घातक परिणामों को कम करने के लिए त्रिपुरा सरकार ने कई कठोर सड़क सुरक्षा नीतियों का कार्यान्वयन शुरू कर दिया है। इनमें ‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ और ‘नो हेलमेट, नो अटेंडेंस’ जैसी नीतियाँ शामिल हैं। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी साझा की।

परिवहन विभाग के एक उच्च अधिकारी ने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत राज्य सरकार पहले ही सड़क हादसों और घातक घटनाओं को कम करने के लिए कई कदम उठा चुकी है।

उन्होंने आगे कहा, “उत्तर त्रिपुरा और दक्षिण त्रिपुरा जिलों में ‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ नीति लागू कर दी गई है। शेष छह जिलों में भी इसे जल्द लागू किया जाएगा।”

दक्षिण त्रिपुरा में जिला मजिस्ट्रेट मोहम्मद सज्जाद पी. ने शनिवार से ‘नो हेलमेट, नो अटेंडेंस’ नीति को सख्ती से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं।

जारी अधिसूचना में कहा गया है कि हाल ही में आयोजित राज्य स्तरीय उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के निर्णयों के अनुसार, जिले के सभी सरकारी कार्यालयों में 17 जनवरी से इस नीति का कड़ाई से पालन किया जाएगा।

अधिसूचना के अनुसार, “इस निर्देश के अंतर्गत यदि कोई कर्मचारी दोपहिया वाहन से, चालक या पीछे बैठने वाले के रूप में बिना हेलमेट के कार्यालय पहुंचता है, तो उसकी उस दिन की उपस्थिति दर्ज नहीं की जाएगी। सभी विभागों को इस निर्देश से संबंधित सूचना बोर्ड प्रमुखता से लगाने होंगे। उल्लंघन करने पर कानून के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।”

जिला मजिस्ट्रेट ने यह भी कहा कि ‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ नीति के सख्त पालन के लिए पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।

सड़क हादसों में कमी लाने और शून्य मौतों के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जिला प्रशासन और राज्य पुलिस ने ‘सेफ हेलमेट, सेफ जर्नी’ और ‘सेफ जर्नी, सेफ लाइफ’ नाम से एक व्यापक सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान भी शुरू किया है।

जिले के विभिन्न भागों में यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा पर केंद्रित विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, त्रिपुरा के सभी जिला प्रशासन ने सड़क दुर्घटनाओं में मौतों को शून्य तक लाने के लिए ‘जीरो फेटैलिटी मंथ’ योजना को अपनाया है।

इस अभियान में ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग, सिविल डिफेंस स्वयंसेवक, गैर-सरकारी संगठन और आम नागरिक मिलकर संयुक्त प्रयास कर रहे हैं।

यातायात अनुशासन और सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता रैलियां, चर्चाएं, जनसंपर्क कार्यक्रम और सोशल मीडिया अभियान आयोजित किए जा रहे हैं।

हेलमेट पहनने की अनिवार्यता, यातायात नियमों के पालन और जिम्मेदार ड्राइविंग व्यवहार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके लिए प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर अभियान चलाए जा रहे हैं।

Point of View

यह समय के साथ स्पष्ट होगा। लेकिन यह आवश्यक है कि हम सभी सड़क नियमों का पालन करें और सुरक्षित यात्रा को प्राथमिकता दें।
NationPress
17/01/2026

Frequently Asked Questions

नो हेलमेट, नो पेट्रोल नीति क्या है?
यह नीति कहती है कि बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाने पर पेट्रोल नहीं मिलेगा।
क्या यह नीति सभी जिलों में लागू होगी?
हाँ, यह नीति उत्तर और दक्षिण त्रिपुरा में लागू की जा चुकी है और अन्य जिलों में भी जल्द लागू की जाएगी।
क्या इस नीति के उल्लंघन पर कार्रवाई होगी?
जी हाँ, उल्लंघन करने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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