क्या जम्मू-कश्मीर में शुक्रवार को उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे गृह मंत्री अमित शाह?
सारांश
Key Takeaways
- उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता अमित शाह करेंगे।
- बैठक में सुरक्षा रणनीतियों पर चर्चा होगी।
- अधिकारियों का समन्वय आतंकवाद के खिलाफ महत्वपूर्ण होगा।
- जम्मू-कश्मीर के दुर्गम इलाकों में रणनीति पर विचार होगा।
- बैठक का उद्देश्य जीरो घुसपैठ सुनिश्चित करना है।
जम्मू, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आगामी गुरुवार को नई दिल्ली में जम्मू-कश्मीर पर एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक का संचालन करेंगे, जिसमें लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा, जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, सिविल प्रशासन, सीएपीएफ, इंटेलिजेंस एजेंसियां और गृह मंत्रालय के उच्च अधिकारी शामिल होंगे।
यह समीक्षा बैठक 2026 में केंद्र शासित प्रदेश के संदर्भ में पहली हाई-लेवल सुरक्षा समीक्षा मीटिंग होगी। यह मीटिंग जम्मू के पर्वतीय एवं दूरदराज क्षेत्रों में जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षाबलों द्वारा आतंकवादियों को पकड़ने के लिए शुरू किए गए ऑपरेशनों की पृष्ठभूमि में आयोजित की जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि गृह मंत्री की बैठक के दौरान, सुरक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर के कठिन, दुर्गम इलाकों में छिपे आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई और लाइन ऑफ कंट्रोल एवं अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जीरो घुसपैठ सुनिश्चित करने की समन्वित रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और चीफ सेक्रेटरी अटल डुल्लू, होम सेक्रेटरी चंद्रकर भारती, डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस नलिन प्रभात और इंटेलिजेंस चीफ नीतीश कुमार समेत प्रमुख पुलिस और सिविल अधिकारी बैठक में भाग लेंगे।
केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन और सभी सीएपीएफ और इंटेलिजेंस एजेंसियों के प्रमुख भी इस समीक्षा बैठक में शामिल होंगे।
उम्मीद की जा रही है कि वरिष्ठ अधिकारी गृह मंत्री को स्थिति के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी देंगे, जिसमें सर्दियों के दौरान एलओसी और आईबी पर जीरो घुसपैठ सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदम और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी क्षेत्रों में छिपे आतंकवादियों को समाप्त करना शामिल है।
पिछले कुछ महीनों में, सुरक्षाबलों ने किश्तवाड़, डोडा, उधमपुर और इस क्षेत्र के अन्य जिलों के ऊपरी इलाकों में आतंकवादियों के साथ कई मुठभेड़ों में भाग लिया है, जबकि इस दौरान एलओसी और आईबी पर आतंकवादियों की घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम कर दिया गया है।
खुफिया रिपोर्ट से पता चलता है कि आतंकवादी पाकिस्तान सेना और आईएसआई की मदद से एलओसी और आईबी दोनों तरफ घुसपैठ के लिए इंतजार कर रहे हैं।