क्या दिल्ली पुलिस ने तुर्कमान गेट पत्थरबाजी मामले में 30 लोगों की पहचान की है और सपा सांसद से पूछताछ होगी?

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क्या दिल्ली पुलिस ने तुर्कमान गेट पत्थरबाजी मामले में 30 लोगों की पहचान की है और सपा सांसद से पूछताछ होगी?

सारांश

दिल्ली पुलिस ने तुर्कमान गेट पत्थरबाजी मामले में 30 लोगों को पहचान लिया है। सपा सांसद को भी जांच में शामिल किया जाएगा। यह घटना अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई थी। क्या यह मामला और बढ़ेगा? जानें इस रिपोर्ट में।

Key Takeaways

  • दिल्ली पुलिस ने 30 लोगों की पहचान की है।
  • सपा सांसद को जल्द पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
  • 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
  • हिंसा नगर निगम के अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई।

नई दिल्ली, ८ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को जानकारी दी कि उन्होंने तुर्कमान गेट क्षेत्र में फैज-ए-इलाही मस्जिद के निकट नगर निगम के अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान हुई हिंसा में शामिल 30 व्यक्तियों की पहचान कर ली है। यह पहचान सीसीटीवी फुटेज, पुलिसकर्मियों के बॉडी-वॉर्न कैमरे की रिकॉर्डिंग और क्षेत्र के वायरल वीडियो के आधार पर की गई है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी को जल्द ही पूछताछ के लिए समन भेजा जाएगा, क्योंकि ऐसा आरोप है कि वह घटनास्थल पर मौजूद थे जब हिंसा शुरू हुई।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, सीनियर अधिकारियों ने सांसद से घटनास्थल से दूर रहने का अनुरोध किया था, लेकिन वह तब भी इलाके के करीब रहे।

इसी बीच, दिल्ली पुलिस ने मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई पत्थरबाजी की घटना से जुड़े अब तक पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। कई पुलिस टीमें बनाई गई हैं, और पहचाने गए व्यक्तियों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है।

समाचार एजेंसी को मिली एफआईआर में घटनाओं का पूरा विवरण दिया गया है, जिसमें अतिक्रमण वाली भूमि पर पुलिस की बैरिकेडिंग से लेकर स्थानीय लोगों द्वारा भड़काऊ नारे लगाने और फिर पुलिस पर पत्थर फेंकने की घटनाएं शामिल हैं।

पुलिसकर्मियों ने स्थानीय लोगों को समझाने का प्रयास किया कि यह तोड़फोड़ अभियान केवल अवैध निर्माणों और सरकारी जमीनों को खाली कराने के लिए है, और पास की मस्जिद को कोई नुकसान नहीं होगा।

एफआईआर के अनुसार, लगभग १२:४० बजे जब पुलिस ने इलाके में बैरिकेडिंग शुरू की, तभी 30-35 लोगों का एक समूह मौके पर इकट्ठा हो गया और नारे लगाने लगा।

उपद्रवी तत्वों को कहा गया कि वे मौके पर इकट्ठा न हों क्योंकि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 163 लागू थी, लेकिन भीड़ और अधिक आक्रामक होती चली गई और पत्थर फेंकना शुरू कर दिया।

सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंकने और भीड़ द्वारा बैरिकेड्स को नुकसान पहुंचाने के वीडियो सामने आए, जिससे गुस्से का माहौल बना।

एफआईआर में कहा गया है कि एक प्रदर्शनकारी ने लाउडस्पीकर छीन लिया और उसे तोड़ दिया। उन्होंने न केवल ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों को रोका और उन पर हमला किया, बल्कि लाउडस्पीकर-बैरिकेड्स भी तोड़े। इस हमले में एसएचओ सहित कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए और बाद में उन्हें एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अतिरिक्त बल बुलाए जाने के बाद ही हिंसक प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेला गया और धार्मिक ढांचे के चारों ओर की अवैध संरचनाओं को गिरा दिया गया।

एफआईआर में नामित पांच आरोपियों की पहचान मोहम्मद शाहनवाज, मोहम्मद आरिब, मोहम्मद कासिफ, मोहम्मद अदनान और मोहम्मद कैफ के रूप में हुई है - जो सभी चांदनी महल क्षेत्र के निवासी बताये जा रहे हैं।

Point of View

मैं कह सकता हूँ कि यह घटना सिर्फ एक स्थानीय मुद्दा नहीं है, बल्कि यह हमारी सामुदायिक सुरक्षा और राजनीतिक स्थिरता के लिए एक बड़ा प्रश्न है। हमें ऐसी घटनाओं पर ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी हिंसा की पुनरावृत्ति न हो।
NationPress
09/01/2026

Frequently Asked Questions

दिल्ली पुलिस ने कितने लोगों को पहचाना?
दिल्ली पुलिस ने तुर्कमान गेट पत्थरबाजी मामले में 30 लोगों की पहचान की है।
सपा सांसद से कब पूछताछ होगी?
सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी को जल्द ही पूछताछ के लिए समन भेजा जाएगा।
क्या गिरफ्तारी हुई है?
हां, दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार किया है।
हिंसा का कारण क्या था?
यह हिंसा नगर निगम के अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान हुई।
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