क्या राजस्थान के सांचौर में 50,000 रुपए का इनामी शराब तस्कर गिरफ्तार हुआ?
सारांश
Key Takeaways
- राजस्थान पुलिस ने 50,000 रुपए के इनामी शराब तस्कर को गिरफ्तार किया।
- आरोपी पर कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
- गिरफ्तारी में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- पुलिस की कार्रवाई से अवैध शराब तस्करी पर अंकुश लगेगा।
जयपुर, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान सरकार के अपराध-मुक्त राज्य के संकल्प के तहत राज्य पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने 50,000 रुपए का इनाम घोषित कुख्यात शराब तस्कर प्रकाश जानी उर्फ पप्पू उर्फ दकुड़ा को गिरफ्तार किया है।
यह गिरफ्तारी जालौर जिले के सांचौर से हुई है।
अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) दिनेश एमएन के निर्देशों के तहत, एजीटीएफ ने सटीक खुफिया जानकारी जुटाने के बाद एक सुनियोजित कार्रवाई की।
यह अभियान राजस्थान और पड़ोसी राज्यों में सक्रिय संगठित शराब तस्करी नेटवर्क को बेनकाब करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता है।
एडीजी दिनेश एमएन के अनुसार, एजीटीएफ के कांस्टेबल सुनील और सुमेर सिंह को विश्वसनीय सूचना मिली कि आरोपी लंबे समय से फरार था और जोधपुर में अपने परिवार से मिलने आया था।
पुष्टि के बाद, पुलिस अधीक्षक (एसपी) ज्ञानचंद यादव और सहायक एसपी नरोत्तम लाल वर्मा की देखरेख में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
टीम ने आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी, और प्रकाश जानी गिरफ्तारी से बचने के लिए बार-बार अपना स्थान बदलता रहा।
जब उसे पुलिस की मौजूदगी का पता चला, तो उसने भागने का प्रयास किया।
एजीटीएफ टीम और तस्कर के बीच करीब डेढ़ से दो किलोमीटर तक पीछा हुआ।
आखिरकार, टीम ने सांचोर के रानीवाड़ा रोड पर चार रास्ता चौराहे के पास आरोपी को घेरकर गिरफ्तार कर लिया।
प्रकाश जानी को अंतरराज्यीय शराब और नशीले पदार्थों की तस्करी का एक महत्वपूर्ण सरगना माना जाता है।
मार्च 2022 में, सांचोर पुलिस ने एक लावारिस पेट्रोल टैंकर से हरियाणा में बनी अवैध शराब के 405 कार्टन बरामद किए थे, जिसमें जानी मुख्य आरोपी था। तब से वह फरार था।
सांचोर, अबू रोड, बालेसर और गुडामलानी में उसके खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम और उत्पाद शुल्क अधिनियम के तहत आधे दर्जन से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं।
उस पर हरियाणा और पंजाब से शराब की तस्करी करने का आरोप है।
इस सफल अभियान में डीएसपी फूलचंद, एएसआई राकेश जाखड़ और कांस्टेबल मगनाराम की सक्रिय भूमिका रही।
आरोपी को सांचोर पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया है, जहां गहन पूछताछ से एक व्यापक तस्करी नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है।