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क्या नगर निगम चुनाव में महायुति की जीत फर्जी मतदान के कारण हुई?

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क्या नगर निगम चुनाव में महायुति की जीत फर्जी मतदान के कारण हुई?

सारांश

कांग्रेस के हर्षवर्धन सपकाल ने महापरिषद चुनाव में भाजपा की जीत पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यह जीत फर्जी मतदान और चुनाव आयोग की सहायता के कारण हुई। क्या यह लोकतंत्र के लिए खतरा है? जानें इस महत्वपूर्ण खबर के बारे में।

मुख्य बातें

फर्जी मतदान का आरोप गंभीर है।
चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं।
कांग्रेस ने वैचारिक लड़ाई लड़ी।
भाजपा ने भारी मात्रा में धन का इस्तेमाल किया।
कांग्रेस राज्य की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है।

मुंबई, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शुक्रवार को यह आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति की नगर निगम चुनाव में जीत फर्जी मतदान, धन वितरण और चुनाव आयोग की सहायता के कारण हुई है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि मुंबई में भाजपा की जीत धांधली का परिणाम है। वार्ड गठन से लेकर 'पीएडीयू' मशीन और स्याही कांड तक, यह सब धांधली का खेल था। चुनाव आयोग को अपनी लीपापोती बंद करनी चाहिए और भाजपा के इशारे पर काम करना बंद करना चाहिए। भाजपा में अब नैतिकता या शर्म नाम की कोई चीज नहीं बची है। लोकतंत्र सचमुच संकट में है, यह स्पष्ट है।

उन्होंने कहा कि धन वितरण, फर्जी मतदाता, उम्मीदवारों के खिलाफ साजिश और चुनाव आयोग का कुप्रबंधन, यह सब स्पष्ट करता है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव नहीं हो रहे हैं। तानाशाही एक बिंदु पर बढ़ती है और फट जाती है। अब उस गुब्बारे के फटने का समय निकट है।

सपकाल ने कहा कि नगर निगम चुनावों में कांग्रेस की सफलता भले ही पूरी तरह संतोषजनक न हो, लेकिन जीत हो या हार, पार्टी ने वैचारिक लड़ाई लड़ी। जनता के विश्वास और कार्यकर्ताओं के दृढ़ संकल्प के बल पर, कांग्रेस राज्य में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी बनकर उभरने के लिए तैयार दिख रही है।

उन्होंने आगे कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि कांग्रेस पांच शहरों में महापौर बना सकती है, 350 पार्षद हासिल कर सकती है, और 10 अन्य शहरों में सत्ता में हिस्सेदारी कर सकती है।

सपकाल ने कहा कि नगर निगम चुनाव संक्रांति के अवसर पर संपन्न हुए। कांग्रेस राज्य की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। जहां संभव हो, अपने दम पर और कुछ स्थानों पर गठबंधन के माध्यम से कांग्रेस ने अपने वैचारिक और संगठनात्मक आधार को मजबूत करने के लिए चुनाव लड़ा।

उन्होंने कहा कि सत्ताधारी भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन ने भारी मात्रा में धन का इस्तेमाल किया और फर्जी मतदान कराया, फिर भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के इस दमनकारी रवैये के खिलाफ डटकर मुकाबला किया। यह कार्यकर्ताओं की जीत है और हमें अपने संघर्षरत कार्यकर्ताओं पर गर्व है। मैं विजयी उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं को बधाई देता हूं। यह संघर्ष और वैचारिक लड़ाई का समय है और कांग्रेस इस लड़ाई के लिए प्रतिबद्ध है। असफलताओं से निराश हुए बिना, हम अगली लड़ाई के लिए तैयार हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और अगर इसमें सत्यता है, तो यह लोकतंत्र की सेहत के लिए चिंताजनक है। चुनावों में पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद जरूरी है। देशहित में सभी राजनीतिक दलों को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महायुति की जीत पर कांग्रेस के आरोप क्या हैं?
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि महायुति की जीत फर्जी मतदान, धन वितरण और चुनाव आयोग की सहायता से हुई है।
क्या चुनाव आयोग को इस पर कोई कार्रवाई करनी चाहिए?
अगर आरोप सही हैं, तो चुनाव आयोग को पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
भाजपा की प्रतिक्रिया इस मामले पर क्या है?
भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और इसे राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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