क्या महाराष्ट्र में विधानसभा के मिड-टर्म पोल हो सकते हैं? हर्षवर्धन सपकाल

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क्या महाराष्ट्र में विधानसभा के मिड-टर्म पोल हो सकते हैं? हर्षवर्धन सपकाल

सारांश

महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने राज्य में मध्यावधि चुनाव की संभावना जताई है। यह बयान बीएमसी चुनावों के बाद आया है, जहां भाजपा गठबंधन ने जीत हासिल की। जानें सपकाल ने क्या कहा और यह राजनीतिक स्थिति कैसे बदल सकती है।

Key Takeaways

  • मध्यावधि चुनाव की संभावना पर चर्चा हुई।
  • बीएमसी चुनावों में भाजपा गठबंधन की जीत।
  • मेयर के चयन को लेकर भाजपा-शिवसेना के बीच खींचतान।
  • लोकतंत्र में निष्पक्ष चुनाव की आवश्यकता।
  • सपकाल द्वारा भाजपा पर गंभीर आरोप।

मुंबई, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आशंका व्यक्त की है कि राज्य में मध्यावधि चुनाव संभव हैं।

उनका यह बयान तब आया है, जब हाल ही में महाराष्ट्र में नगर निगम के चुनाव सम्पन्न हुए। बीएमसी के चुनाव में भाजपा गठबंधन को जीत मिली है। हालांकि, अभी तक मेयर के चयन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।

मुंबई में राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि भाजपा-शिवसेना सत्ता के लिए एकजुट हुए हैं। दोनों दलों ने मिलकर चुनाव लड़ा और जनता ने उन्हें बहुमत दिया। इतने समय में मेयर के चयन का निर्णय होना चाहिए था, लेकिन लगता है कि दोनों दलों में मेयर को लेकर खींचतान चल रही है। इसी कारण अभी तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है।

उन्होंने कहा कि विधानसभा के लिए मिड-टर्म पोल भी हो सकते हैं।

सपकाल ने होटल राजनीति का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतंत्र में निष्पक्ष चुनाव आवश्यक हैं। मतदाता को अपने मत डालने की पूरी स्वतंत्रता होनी चाहिए। जो प्रतिनिधि चुनाव में जीत कर आए हैं, उन पर किसी भी प्रकार का दबाव नहीं होना चाहिए। वर्तमान में जीतने वाले जनप्रतिनिधियों और मतदाताओं पर दबाव है। होटल राजनीति का मतलब यह है कि उन्हें जेल में रखा जा रहा है।

कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) के गठबंधन पर उन्होंने कहा कि हम और शिवसेना (यूबीटी) एक गठबंधन के भागीदार हैं। भले ही हम बीएमसी चुनाव में साथ नहीं आ पाए, लेकिन महाराष्ट्र के अन्य स्थानों पर हमने साथ मिलकर चुनाव लड़ा है।

सपकाल ने प्रयागराज में साधुओं के साथ हुए व्यवहार पर कहा कि भाजपा अधर्मी है। धर्म का अर्थ सभ्यता है और हमारी संस्कृति का संरक्षण करना आवश्यक है, लेकिन भाजपा इसे भूल गई है। अगर शंकराचार्य के साथ भी मारपीट होगी, तो यह स्पष्ट है कि भाजपा की नीति में दोहरे मानदंड हैं। ऐसी भ्रष्ट सरकार को सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है।

उन्होंने मुंबई में बिहार सदन के निर्माण पर कहा कि संस्कृति विनिमय के तहत यह निर्णय स्वागत योग्य है। अगर वे यह भी कहते कि पटना में महाराष्ट्र सदन बनेगा, तो यह और भी अच्छा होता। मुझे इसमें भी कोई साजिश नजर आती है।

Point of View

NationPress
19/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या मध्यावधि चुनाव संभव हैं?
हर्षवर्धन सपकाल के अनुसार, राज्य में मध्यावधि चुनाव हो सकते हैं।
बीएमसी चुनावों का परिणाम क्या था?
बीएमसी चुनावों में भाजपा गठबंधन ने जीत हासिल की है।
होटल राजनीति का क्या मतलब है?
होटल राजनीति का मतलब है कि चुनाव जीतने वाले प्रतिनिधियों और मतदाताओं पर दबाव होना।
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