क्या युवा भारत के 'विकसित भारत अभियान' के मुख्य चालक हैं? : राजनाथ सिंह
सारांश
Key Takeaways
- युवा ही विकसित भारत के मुख्य चालक हैं।
- बहुविषयक शिक्षा से युवाओं को तकनीकी विकास से जोड़े रखा जा सकता है।
- चुनौतियों को अवसर के रूप में देखना चाहिए।
नई दिल्ली, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि युवा ही देश के विकसित भारत के सफर के मुख्य चालक हैं।
विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद में बोलते हुए राजनाथ सिंह ने युवाओं से बहुविषयक शिक्षा को अपनाने का आह्वान किया ताकि वे तेजी से हो रहे तकनीकी विकास, विशेष रूप से एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, जैव प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष अनुसंधान जैसे क्षेत्रों से अवगत रह सकें।
उन्होंने कहा कि सीखने की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होती। आपको नवीनतम पद्धतियों से, अपनी गलतियों से और सबसे महत्वपूर्ण, दूसरों के अनुभवों से सीखना चाहिए। बड़े सपने देखें, लेकिन उन्हें कभी बोझ न बनने दें।
रक्षा मंत्री ने दिल्ली छावनी में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के 78 उत्साही युवाओं से बातचीत की।
उत्तर प्रदेश के ये युवा उन युवाओं में शामिल हैं जो युवा मामले और खेल मंत्रालय द्वारा 10 से 12 जनवरी तक नई दिल्ली में आयोजित विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद 2026 में भाग ले रहे हैं।
विभिन्न क्षेत्रों में युवा नेताओं की उपलब्धियों की सराहना करते हुए राजनाथ सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि उनकी ऊर्जा, आकांक्षाएं और नवोन्मेषी क्षमताएं देश को विकसित भारत के लक्ष्य की ओर अग्रसर कर रही हैं।
राजनाथ सिंह ने चुनौतियों को जीवन का अपवाद नहीं बल्कि उसका स्वाभाविक हिस्सा बताया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कठिन समय ही व्यक्ति के सच्चे स्वरूप और चरित्र को उजागर करता है।
उन्होंने कहा कि जब चीजें योजना के अनुसार आगे बढ़ रही हों तो शांत रहना आसान होता है। लेकिन आलोचना और असफलता ही व्यक्ति की क्षमता की परीक्षा लेती हैं और अंततः भविष्य की दिशा निर्धारित करती हैं। हालांकि, भयभीत न होने का अर्थ समस्याओं को हल्के में लेना नहीं है। इसका अर्थ है कि हमें उनका सामना साहस, बुद्धिमत्ता और आत्मविश्वास के साथ करना चाहिए।
रक्षा मंत्री ने युवाओं से आग्रह किया कि वे चुनौतियों को बोझ न समझें, बल्कि एक अवसर के रूप में देखें, जो उनकी क्षमताओं को पहचानता और बढ़ाता है तथा उनके चरित्र को मजबूत करता है।
इस संवाद के दौरान चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, चीफ ऑफ नेवल स्टाफ एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी, चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, सचिव (रक्षा उत्पादन) संजीव कुमार, सचिव (पूर्व सैनिक कल्याण) सुकृति लिखी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।