दिल्ली सफाई अभियान में मिला मानव कंकाल, कबाड़ व्यापारी बोला — स्कूल लैब का था उपकरण
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 26 सितंबर 2026 (शनिवार) को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं द्वारा चलाए जा रहे 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत सफाई अभियान के दौरान एक कबाड़ व्यापारी की बस्ती में मानव कंकाल मिलने से हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर पुष्टि की कि बरामद अवशेष वास्तव में एक मानव कंकाल हैं और जाँच शुरू कर दी गई है।
कैसे हुई कंकाल की बरामदगी
BJP के एक नेता के अनुसार, पार्टी कार्यकर्ता राष्ट्रीय राजधानी के एक इलाके में सफाई कर रहे थे, जब एक कार्यकर्ता ने शकील मोहम्मद (कबाड़ व्यापारी मोहम्मद अबरार के भाई) की झोपड़ी के पास रखा एक डिब्बा उठाया। डिब्बे का टूटा हुआ ढक्कन गिरते ही उसके भीतर मानव कंकाल दिखाई दिया। BJP नेता ने तत्काल पुलिस को सूचित किया।
BJP नेता ने कहा, 'मैंने तुरंत पुलिस को बुलाया, जिन्होंने पुष्टि की कि यह वास्तव में एक मानव कंकाल है... पुलिस के अनुसार, कंकाल रखना गैरकानूनी है, भले ही इसे कहीं और से लाया गया हो... यह एक गंभीर मुद्दा है कि क्या किसी की हत्या की गई थी, अपहरण किया गया था या कुछ और हुआ था।'
कबाड़ व्यापारी का पक्ष
वहीं, कबाड़ व्यापारी मोहम्मद अबरार ने अपना बचाव करते हुए दावा किया कि उनके भतीजे ने जुलाई में पास के एक स्कूल से यह कंकाल अन्य कबाड़ के साथ लाया था। उन्होंने बताया कि स्कूल के नए प्रधानाचार्य ने प्रयोगशाला की सभी अनुपयोगी सामग्री हटाने को कहा था, जिसमें यह कंकाल भी था।
अबरार के अनुसार, 'स्कूल से लाया गया सामान — बेकार कागज, किताबें, अलमारियाँ और बक्से थे। हमने कंकाल को बक्से में देखा था, लेकिन यह सोचकर उसे वहीं छोड़ दिया कि इसका इस्तेमाल स्कूल की प्रयोगशाला में होता होगा।' उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों की जाँच से पता चल सकता है कि कबाड़ वास्तव में उन्हें बेचा गया था या नहीं।
अबरार ने स्वीकार किया कि उन्हें अधिकारियों को पहले ही सूचित करना चाहिए था, और दावा किया कि इलाके के लोग इस बात से वाकिफ थे कि कंकाल स्कूल के कबाड़ के साथ आया था।
BJP का राजनीतिक रुख
BJP नेता ने इस मौके पर पार्टी के उस दावे को भी दोहराया कि बांग्लादेशी घुसपैठिए सरकारी ज़मीन पर अवैध कब्जा करते हैं और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होते हैं। उन्होंने पुलिस से आग्रह किया कि इलाके में आपराधिक गतिविधियों की जाँच के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। गौरतलब है कि यह आरोप BJP की ओर से लगाए गए हैं और पुलिस जाँच अभी जारी है।
पुलिस जाँच की स्थिति
पुलिस ने कंकाल बरामद कर लिया है और प्रारंभिक जाँच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, कंकाल रखना कानूनी रूप से अनुमत नहीं है, भले ही उसे किसी वैध स्रोत से प्राप्त किया गया हो। यह पता लगाने के लिए जाँच जारी है कि कंकाल किस स्कूल से आया, क्या वह किसी शिक्षण-संस्था का पंजीकृत शैक्षणिक उपकरण था, और क्या इसके पीछे कोई अपराध है। स्कूल के सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।