क्या हैदराबाद पुलिस ने दो धार्मिक स्थलों पर तोड़फोड़ की घटनाओं के खिलाफ मामले दर्ज किए?

Click to start listening
क्या हैदराबाद पुलिस ने दो धार्मिक स्थलों पर तोड़फोड़ की घटनाओं के खिलाफ मामले दर्ज किए?

सारांश

हैदराबाद में एक मंदिर परिसर में तोड़फोड़ और पुलिस पर हमले की घटना ने क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। पुलिस ने मामले दर्ज कर लिए हैं और आरोपियों की पहचान की जा रही है। यह घटना स्थानीय नागरिकों में चिंता का विषय बनी हुई है।

Key Takeaways

  • सांप्रदायिक तनाव में वृद्धि हुई है।
  • पुलिस ने मामले दर्ज किए हैं।
  • घटना में चार पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
  • मुख्य मूर्ति सुरक्षित है।
  • फर्जी खबरों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हैदराबाद, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। हैदराबाद पुलिस ने बुधवार रात पूरनपौल में एक मंदिर परिसर में हुई तोड़फोड़ और पुलिस पर हमले के संदर्भ में मामले दर्ज किए हैं।

गुरुवार को पुलिस ने इन घटनाओं के बारे में एक बयान जारी किया, जिससे क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया।

राजेंद्र नगर के पुलिस उपायुक्त ने बताया कि रात करीब 11:30 बजे एक अज्ञात व्यक्ति पूरनपौल दरवाजा मैसम्मा मंदिर में घुसा और मंदिर के बरामदे में स्थित एक फ्लेक्सी बैनर और प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) की मूर्ति को आंशिक रूप से क्षति पहुंचाई।

घटना की सूचना मिलते ही कामतीपुरा पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। घटना स्थल से सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूत एकत्रित किए गए हैं। जांच के दौरान आरोपी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

इस घटना के बाद, लगभग 300 लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई और पास के एक 'चिल्ला' में तोड़फोड़ की। उन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया, जिससे चार पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। इस संबंध में एक अलग मामला दर्ज किया गया है। जांच अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर अपराधियों की पहचान कर ली है। पुलिस ने उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की है।

डीसीपी ने स्पष्ट किया कि इस घटना में मंदिर के बरामदे में लगी फ्लेक्सी और पीओपी मूर्ति को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है। गर्भगृह में स्थित मूर्तियां सुरक्षित हैं। अपराधी मुख्य मंदिर में प्रवेश नहीं कर सका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुख्य मूर्ति के नष्ट होने की अफवाहें पूरी तरह से निराधार हैं।

हैदराबाद पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसी दुर्भावनापूर्ण अफवाहों पर विश्वास न करें।

फिलहाल, क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे घबराएं नहीं। डीसीपी ने आगे कहा कि इस घटना से संबंधित सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें फैलाने वालों और कानून व्यवस्था को बिगाड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Point of View

बल्कि यह समाज में भी विभाजन का कारण बन सकती है। सभी पक्षों को संयम बरतने की आवश्यकता है और पुलिस को त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।
NationPress
15/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या इस घटना में किसी की जान गई?
इस घटना में किसी की जान नहीं गई लेकिन चार पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
क्या पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया?
पुलिस ने आरोपी की पहचान कर ली है और उसे जल्द ही गिरफ्तार करने की योजना बना रही है।
क्या मंदिर की मूर्तियां सुरक्षित हैं?
डीसीपी के अनुसार, गर्भगृह में स्थित मूर्तियां सुरक्षित हैं।
क्या क्षेत्र में स्थिति अब सामान्य है?
हां, क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।
क्या पुलिस ने फर्जी खबरों पर कार्रवाई की है?
पुलिस ने फर्जी खबरें फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।
Nation Press