डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर ईरान फुटबॉल टीम का कड़ा जवाब
सारांश
Key Takeaways
- ईरान की फुटबॉल टीम ने ट्रंप के बयान का किया खंडन।
- फीफा विश्व कप एक अंतरराष्ट्रीय आयोजन है।
- ईरान ने पिछले चार विश्व कप के लिए क्वालिफाई किया है।
नई दिल्ली, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान का सख्त जवाब दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि अपनी जान और सुरक्षा के लिए उन्हें फीफा विश्व कप में भाग नहीं लेना चाहिए।
ईरान की फुटबॉल टीम का कहना है कि कोई भी देश उन्हें विश्व कप में भाग लेने से नहीं रोक सकता। यह आयोजन फीफा द्वारा संचालित होता है, न कि किसी एक देश द्वारा।
ट्रंप ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर लिखा था, "ईरान नेशनल सॉकर टीम का विश्व कप में स्वागत है, लेकिन मुझे सच में नहीं लगता कि उनकी अपनी जान और सुरक्षा के लिए उनका वहां होना सही है। इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद। राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप।"
ईरान की नेशनल सॉकर टीम ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर कहा, "कोई भी ईरान को टूर्नामेंट से बाहर नहीं कर सकता। अमेरिका मेजबान है, यदि वह भाग लेने वाली टीमों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकता, तो उसे जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।"
पोस्ट में लिखा गया है, "विश्व कप एक ऐतिहासिक और अंतरराष्ट्रीय आयोजन है। इसकी गवर्निंग बॉडी फीफा है, केवल एक देश नहीं। ईरान की नेशनल टीम, जिसमें ईरान के बहादुर बेटों की ताकत और कई महत्वपूर्ण जीतें शामिल हैं, इस बड़े टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई करने वाली पहली टीमों में से एक थी।"
इंस्टाग्राम पर साझा पोस्ट में आगे लिखा गया है, "कोई भी ईरान की राष्ट्रीय टीम को विश्व कप से बाहर नहीं कर सकता; केवल एक देश को बाहर किया जा सकता है, जो मेजबान है, लेकिन इवेंट में भाग लेने वाली टीमों को सुरक्षा देने की क्षमता नहीं रखता।"
ईरान, जिसने पिछले साल एशियन क्वालिफाइंग के तीसरे राउंड में ग्रुप ए में शीर्ष स्थान हासिल कर लगातार चौथे विश्व कप के लिए क्वालिफाई किया था, उसे अमेरिका में तीन मैच खेलने हैं।
फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने बुधवार को कहा कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की, जिन्होंने उन्हें आश्वासन दिया कि ईरान का २०२६ विश्व कप में हिस्सा लेना स्वागत योग्य है। फीफा विश्व कप ११ जून से १९ जुलाई तक अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा में खेला जाएगा।
ईरान के खेल मंत्री अहमद दोन्यामाली ने सरकारी टेलीविजन पर कहा कि अमेरिका और इज़राइल द्वारा देश पर एयरस्ट्राइक के बाद ईरान २०२६ विश्व कप में हिस्सा नहीं ले सकता, क्योंकि इस भ्रष्ट सरकार ने हमारे नेता की हत्या कर दी है और बहुत अधिक असुरक्षा पैदा कर दी है, इसलिए हम विश्व कप में भाग नहीं ले सकते। विश्व कप में भाग लेने के हालात नहीं हैं।
खेल मंत्री ने कहा, "पिछले आठ या नौ महीनों में उन्होंने हमें दो युद्धों में घसीटा है। हमारे हजारों लोगों को मारा है और बहुत जुल्म किए हैं। इन हालात में, टूर्नामेंट में शामिल होना नामुमकिन है।"