डोनाल्ड ट्रंप की अपील: ऑस्ट्रेलिया ईरानी महिला सॉकर टीम को शरण दे

Click to start listening
डोनाल्ड ट्रंप की अपील: ऑस्ट्रेलिया ईरानी महिला सॉकर टीम को शरण दे

सारांश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऑस्ट्रेलिया से ईरानी महिला सॉकर टीम को शरण देने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि टीम को ईरान लौटाया गया, तो उनकी जान को खतरा हो सकता है।

Key Takeaways

  • डोनाल्ड ट्रंप ने ऑस्ट्रेलिया से ईरानी महिला सॉकर टीम को शरण देने की मांग की है।
  • टीम के लिए ईरान लौटना खतरनाक हो सकता है।
  • मानवाधिकार संगठनों ने भी ऑस्ट्रेलिया से टीम की सुरक्षा की अपील की है।
  • प्रदर्शनकारियों ने 'सेव अवर गर्ल्स' नारे लगाए हैं।
  • अमेरिका ने पहले भी ईरानी शरणार्थियों को आश्रय दिया है।

वाशिंगटन, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार पर एक मानवीय गलती का आरोप लगाते हुए ईरानी राष्ट्रीय महिला सॉकर टीम को शरण देने की मांग की है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि टीम को ईरान वापस भेजा गया तो उनकी हत्या हो सकती है। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि टीम को शरण दी जाए, अन्यथा अमेरिका उन्हें स्वीकार करने के लिए तैयार है।

यह बयान उस समय आया है जब ईरानी महिला फुटबॉल टीम एशियन कप में भाग लेने के बाद ऑस्ट्रेलिया में है। हाल ही में एक वीडियो सामने आया था जिसमें टीम की कई खिलाड़ियों ने ईरान का राष्ट्रगान गाने से मना कर दिया था। टीम के सदस्यों को ईरान लौटने पर यातना या मौत की सजा का डर है।

ट्रंप ने अपने संदेश में कहा, "ऑस्ट्रेलिया ईरानी राष्ट्रीय महिला सॉकर टीम को ईरान वापस भेजकर एक भयानक मानवीय गलती कर रहा है, जहां उनकी हत्या होने की संभावना है। ऐसा मत करो, प्रधानमंत्री इन्हें शरण दो। अगर तुम नहीं दोगे तो अमेरिका उन्हें ले लेगा। इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद।"

मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल और प्लेयर्स यूनियन ने भी ऑस्ट्रेलिया सरकार से टीम की सुरक्षा की मांग की है। लोगों ने एक याचिका पर हस्ताक्षर कर टीम को ऑस्ट्रेलिया में रहने देने की अपील की है।

ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने ट्रंप की पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए उन्हें धन्यवाद कहा है। उन्होंने भी टीम की अस्वीकृति को खतरे का संकेत बताते हुए शरण देने का आग्रह किया है।

इस बीच, ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग पर दबाव बढ़ रहा है। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि टीम की पांच सदस्यों ने क्वींसलैंड पुलिस से शरण मांगी है। प्रदर्शनकारियों ने टीम की बस के चारों ओर घेरा डालकर 'सेव अवर गर्ल्स (हमारी लड़कियों को बचाओ)' के नारे लगाए, और खिलाड़ियों को एसओएस सिग्नल देते देखा गया।

ट्रंप के बयान ने अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया है। अमेरिका ने पहले भी ईरान से भागने वाले शरणार्थियों को आश्रय दिया है। ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

Point of View

और किसी भी देश को उनके जीवन को जोखिम में नहीं डालना चाहिए।
NationPress
12/03/2026

Frequently Asked Questions

डोनाल्ड ट्रंप ने ऑस्ट्रेलिया से क्या मांगा है?
उन्होंने ईरानी महिला सॉकर टीम को शरण देने की अपील की है।
क्यों ईरानी महिला सॉकर टीम को खतरा है?
टीम के सदस्यों को ईरान लौटने पर यातना या हत्या का डर है।
क्या ऑस्ट्रेलिया ने अभी तक कोई जवाब दिया है?
ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
इस मामले में मानवाधिकार संगठन क्या कर रहे हैं?
एमनेस्टी इंटरनेशनल और प्लेयर्स यूनियन ने टीम की सुरक्षा की मांग की है।
क्या ट्रंप ने इस मुद्दे पर कोई बयान दिया है?
हाँ, उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री से शरण देने का आग्रह किया है।
Nation Press