क्या शिक्षा मंत्रालय ने आईआईटी कानपुर में छात्र आत्महत्या की घटना की जांच के लिए समिति गठित की?
सारांश
Key Takeaways
- समिति का गठन आईआईटी कानपुर में छात्र आत्महत्या की घटनाओं की समीक्षा के लिए किया गया है।
- मंत्रालय का उद्देश्य छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करना है।
- समिति 15 दिनों में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
- दिशानिर्देशों में संवेदनशीलता और क्षमता निर्माण पर जोर दिया गया है।
- समिति छात्रों के भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी अनुशंसाएं देगी।
नई दिल्ली, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने आईआईटी कानपुर में हाल ही में एक छात्र की आत्महत्या की घटना पर ध्यान दिया है। यह घटना एक बार फिर से उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्रों के भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा की आवश्यकता को उजागर करती है।
इस घटना के बाद, शिक्षा मंत्रालय ने एक तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है, जो आईआईटी कानपुर में हाल की घटनाओं और निर्धारित दिशानिर्देशों के कार्यान्वयन की समीक्षा करेगी। यह समिति, जो गुरुवार को गठित की गई, 15 दिनों में अपनी रिपोर्ट मंत्रालय के समक्ष प्रस्तुत करेगी। इसके अध्यक्ष प्रो. अनिल डी. सहस्रबुद्धे हैं, जबकि सदस्यों में मूलचंद अस्पताल के वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. जितेंद्र नागपाल और शिक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव शामिल हैं। यह समिति जुलाई 2023 में जारी दिशानिर्देशों के अनुपालन की स्थिति की भी समीक्षा करेगी।
जुलाई 2023 में मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों का उद्देश्य देश भर के उच्च शिक्षा संस्थानों में एक सक्षम, समावेशी और सहयोगात्मक वातावरण का निर्माण करना है। इन दिशानिर्देशों में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान दिया गया है, जैसे कि शिक्षकों के लिए संवेदनशीलता और क्षमता निर्माण कार्यक्रम, छात्रों के लिए परामर्श तंत्र, और तनाव एवं मानसिक दबाव की शीघ्र पहचान के लिए प्रारंभिक चेतावनी तंत्र।
अब, यह समिति आईआईटी कानपुर में छात्र आत्महत्याओं के मामलों की समीक्षा करेगी। इसमें घटनाओं की परिस्थितियों, संस्थागत नीतियों, शिकायत निवारण तंत्र, परामर्श सेवाओं और अन्य छात्र सहायता प्रणालियों की उपलब्धता का परीक्षण किया जाएगा। इसके अलावा, यह मानसिक स्वास्थ्य ढांचे में मौजूद कमियों और सुधार की आवश्यकता की पहचान करेगी।
समिति मंत्रालय को छात्रों की आत्महत्याओं की रोकथाम और भावनात्मक एवं मानसिक स्वास्थ्य सहयोग को मजबूत करने के लिए अनुशंसाएं देगी। इसके अतिरिक्त, समिति अन्य मुद्दों पर भी विचार कर सकती है और आईआईटी कानपुर के विभिन्न हितधारकों से संवाद करेगी। मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया है कि छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य और सर्वांगीण विकास उसकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।