1 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या एमसीडी की कार्रवाई के तहत मस्जिद अवैध है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या एमसीडी की कार्रवाई के तहत मस्जिद अवैध है?

सारांश

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने एमसीडी द्वारा फैज-ए-इलाही मस्जिद पर की गई कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सवाल किया कि क्या मस्जिद को अवैध माना जा रहा है, जबकि यह वक्फ एक्ट की स्थापना से पहले बनी थी। जानिए इस मामले में उनकी पूरी प्रतिक्रिया।

मुख्य बातें

इमरान मसूद ने फैज-ए-इलाही मस्जिद की सुरक्षा की मांग की।
उन्होंने वक्फ एक्ट की स्थापना से पहले के निर्माण पर जोर दिया।
मसूद ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग की।
उमर खालिद के मामले में सुप्रीम कोर्ट की भूमिका पर सवाल उठाए।
प्रियंका गांधी की कांग्रेस में भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

सहारनपुर, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के तुर्कमान गेट के नजदीक स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद पर एमसीडी द्वारा चलाए गए बुलडोजर के खिलाफ कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या मस्जिद को अवैध निर्माण माना जा रहा है।

इमरान मसूद ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि यह मस्जिद बहुत पुरानी है और इसका निर्माण उस समय हुआ था, जब वक्फ एक्ट जैसा कोई कानून मौजूद नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि जिस समय मस्जिद का निर्माण हुआ, उस समय किसी भी प्रकार का कोई कानून लागू नहीं था। ऐसे में इसे अवैध ठहराना न केवल ऐतिहासिक तथ्यों की अनदेखी है, बल्कि धार्मिक स्थलों के प्रति एक संवेदनहीन दृष्टिकोण भी दर्शाता है।

कांग्रेस सांसद ने उत्तर प्रदेश में एसआईआर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 2026 पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वे पहले ड्राफ्ट रिपोर्ट का विश्लेषण करेंगे, उसके बाद ही कोई अंतिम निर्णय लेंगे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उन्होंने दावा किया कि सहारनपुर शहर में लगभग 25 प्रतिशत मतदाता नाम हटाए गए हैं।

इमरान मसूद ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर मतदाताओं का नाम हटाना एक गंभीर प्रश्न उठाता है और यह जानना आवश्यक है कि यह प्रक्रिया कैसे और किन कारणों से अपनाई गई। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बताया और पारदर्शिता की मांग की।

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के जन्मदिन पर उत्तर प्रदेश में शुरू होने वाले बड़े अभियान पर भी इमरान मसूद ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी वाड्रा कांग्रेस पार्टी का एक बड़ा चेहरा हैं और वह देश की एक प्रमुख नेता के रूप में स्थापित हैं।

हालांकि, जेएनयू में पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादित नारों पर की जा रही कार्रवाई पर इमरान मसूद ने प्रशासन के रुख पर सवाल उठाए। प्रशासन ने कहा कि नफरत की पाठशाला नहीं बनने देंगे। मसूद ने कहा कि ऐसे बयान दिए जा रहे हैं, जबकि उमर खालिद लंबे समय से जेल में हैं।

मसूद ने सुप्रीम कोर्ट के उस हालिया बयान का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि जमानत देना नियम है और न देना अपवाद। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट बार-बार यह सिद्धांत दोहरा रहा है, लेकिन उमर खालिद के मामले में यह लागू नहीं किया जा रहा। उन्होंने मांग की कि इस मामले में देश के मुख्य न्यायाधीश को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जब दंगे हो रहे थे, उस समय उमर खालिद वहां मौजूद नहीं थे, फिर भी उन्हें लंबे समय तक जेल में रखना न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट स्वयं यह कह चुका है कि किसी व्यक्ति को अत्यधिक समय तक जेल में रखना सजा के समान है और अपराध की गंभीरता का हवाला देकर उसके अधिकारों का हनन नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का भी प्रतीक है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इमरान मसूद ने मस्जिद के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि यह मस्जिद पुरानी है और इसे अवैध नहीं ठहराया जा सकता।
क्या एमसीडी की कार्रवाई उचित है?
इमरान मसूद के अनुसार, यह कार्रवाई ऐतिहासिक तथ्यों की अनदेखी करती है।
एसआईआर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के बारे में क्या जानकारी है?
मसूद ने कहा कि सहारनपुर में 25 प्रतिशत वोटर्स के नाम हटाए गए हैं।
उमर खालिद के मामले पर मसूद का क्या कहना है?
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का नियम उमर खालिद पर लागू नहीं हो रहा है।
प्रियंका गांधी वाड्रा के बारे में मसूद ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी कांग्रेस की एक प्रमुख नेता हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले