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क्या इंदरजीत सिद्धू गंदगी बर्दाश्त नहीं करते? पद्मश्री पुरस्कार की घोषणा पर उनका क्या कहना है?

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क्या इंदरजीत सिद्धू गंदगी बर्दाश्त नहीं करते? पद्मश्री पुरस्कार की घोषणा पर उनका क्या कहना है?

सारांश

इंदरजीत सिद्धू ने पद्मश्री पुरस्कार पाने पर खुशी व्यक्त की, लेकिन समाज में सफाई के प्रति लापरवाह लोगों के प्रति अपनी चिंता भी जताई। उनका मानना है कि सफाई हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है।

मुख्य बातें

इंदरजीत सिद्धू ने हमें स्वच्छता का महत्व समझाया।
सफाई हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
सकारात्मक सोच से हम समाज को बदल सकते हैं।
गंदगी से नफरत करना एक सकारात्मक कदम है।
उम्र का कोई बंधन नहीं, अगर कुछ करने की इच्छा हो।

चंडीगढ़, 25 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 में सामाजिक कार्य के क्षेत्र में चंडीगढ़ के इंदरजीत सिंह सिद्धू को पद्मश्री पुरस्कार देने की घोषणा की है।

सिद्धू हर दिन सड़कों, पार्कों और सार्वजनिक स्थानों से कूड़ा उठाकर स्वच्छता का संदेश फैलाते हैं। कई बार लोग उन्हें पागल समझते हैं और उनका मजाक उड़ाते हैं, लेकिन वे इस बात को दिल पर नहीं लेते। उनका मुख्य उद्देश्य है कि सफाई को बनाए रखा जाए, भले ही लोग उन्हें कुछ भी कहें।

पद्मश्री पुरस्कार की घोषणा से बेहद खुश इंदरजीत सिद्धू ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि मैं भारत का धन्यवाद करना चाहता हूं। हमारे जैसे बुजुर्ग को पद्मश्री मिल रहा है, इससे मुझे अत्यधिक खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि यह कोई संदेश देने वाली बात नहीं है, बल्कि हर व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह अपने आस-पास सफाई बनाए रखे और गंदगी न फैलाए। लेकिन लोग गंदगी करते हैं, शायद उन्हें गंदगी करना पसंद है, जबकि हमें गंदगी से नफरत है। मैं स्वयं गंदगी साफ करने के लिए निकल जाता हूं।

बातचीत के दौरान, सिद्धू एक बात पर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि दुख होता है जब वे सड़कों से कूड़ा हटाते हैं तो लोग उनकी ओर ताने मारते हैं। कई बार तो उन्हें पागल भी कहा गया।

उन्होंने कहा कि लोग मुझे पागल कहते हैं, लेकिन मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि मैं पागल नहीं हूं। मुझे गंदगी बर्दाश्त नहीं होती। सिद्धू का यह कार्य हमारे युवा पीढ़ी के लिए एक बड़ा संदेश है कि हमें अपने आस-पास सफाई बनाए रखनी चाहिए। वे जो भी कचरा साफ करते हैं, वह केवल कचरा हटाना नहीं है, बल्कि यह एक संदेश है। उम्र चाहे कितनी भी हो, यदि कुछ करने की इच्छा हो, तो वह किया जा सकता है।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वे सुबह-सुबह सड़कों से कूड़ा उठाते हुए दिखाई दिए थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह आवश्यक है कि हम समाज में स्वच्छता के महत्व को समझें और इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। इंदरजीत सिद्धू का कार्य हमें प्रेरित करता है कि हम अपने आसपास की सफाई का ध्यान रखें। यह केवल व्यक्तिगत स्वच्छता नहीं, बल्कि समाज की जिम्मेदारी है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंदरजीत सिद्धू को कौन सा पुरस्कार मिला है?
इंदरजीत सिद्धू को वर्ष 2026 के लिए पद्मश्री पुरस्कार मिला है।
इंदरजीत सिद्धू क्या करते हैं?
वे रोजाना सड़कों, पार्कों और सार्वजनिक स्थानों से कूड़ा उठाते हैं।
लोग इंदरजीत सिद्धू के बारे में क्या सोचते हैं?
कई लोग उन्हें पागल समझते हैं और उनका मजाक उड़ाते हैं।
इंदरजीत सिद्धू का सफाई के प्रति क्या दृष्टिकोण है?
उनका मानना है कि सफाई हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
क्या इंदरजीत सिद्धू ने कभी हार मानी है?
नहीं, वे हमेशा सफाई के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाते रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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