भारत और सेंट किट्स एंड नेविस के संबंधों को नया आयाम देगा उच्चायोग: एस जयशंकर

Click to start listening
भारत और सेंट किट्स एंड नेविस के संबंधों को नया आयाम देगा उच्चायोग: एस जयशंकर

सारांश

विदेश मामलों के मंत्री एस. जयशंकर ने सेंट किट्स और नेविस का भारत में उच्चायोग उद्घाटन किया, जो द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेगा। यह दूतावास दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Key Takeaways

  • उच्चायोग की स्थापना से द्विपक्षीय संबंधों में सुधार होगा।
  • डिजिटल अवसरों के माध्यम से सहयोग बढ़ाने की योजना।
  • स्वास्थ्य, पर्यटन और बुनियादी ढांचे में भारतीय प्रतिभाओं का उपयोग।
  • स्थानीय समुदायों के लिए त्वरित प्रभाव वाले प्रोजेक्ट्स की योजना।
  • साझा अनुभवों पर आधारित मजबूत संबंध

नई दिल्ली, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। विदेश मामलों के मंत्री (ईएएम) एस. जयशंकर ने मंगलवार को सेंट किट्स और नेविस के भारत में उच्चायोग की स्थापना का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस स्थायी दूतावास की स्थापना द्विपक्षीय संबंधों को और भी मजबूत करने में सहायक होगी।

नई दिल्ली में उच्चायोग के उद्घाटन समारोह में जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के बीच 1983 से कूटनीतिक संबंध स्थापित होने के बाद से एक घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंध विकसित हुआ है।

मंत्री ने कहा, “आप सभी अवश्य जानते हैं कि भारत ने अच्छे शासन और आर्थिक दक्षता को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल अवसरों का पूरा लाभ उठाया है। हमें सेंट किट्स एंड नेविस और कैरिकॉम के अन्य सदस्यों के साथ सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने में खुशी होगी। मुझे पूरा विश्वास है कि जैसे-जैसे यह उच्चायोग अपने कदम मजबूत करेगा, यह हमारे संबंधों को और भी गहरा करेगा।”

उन्होंने आगे कहा, “एक-दूसरे के बारे में जानने के लिए बहुत कुछ है, सुविधाजनक व्यवस्थाओं और ढांचे को विकसित करने के लिए बहुत कुछ करना है और निरंतर बातचीत से सहजता आएगी। मुझे यकीन है कि उच्चायुक्त और उनकी टीम इस कार्य को मेरे मंत्रालय के सहयोगियों के साथ मिलकर करेंगे।”

जयशंकर ने कहा कि भारत और सेंट किट्स और नेविस के बीच के द्विपक्षीय संबंध लोकतंत्र और उपनिवेशवाद के खिलाफ ऐतिहासिक संघर्ष जैसे साझा मूल्यों पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि इन साझा अनुभवों ने दोनों देशों के बीच गहरा जुड़ाव बनाया है, खासकर जब वे ग्लोबल साउथ के सदस्य हैं।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा, "मैं विदेश मंत्री डगलस के साथ मिलकर आज उच्चायोग के औपचारिक उद्घाटन के महत्व को मान्यता देता हूं। मंत्री डगलस ने हमें संबंध में संभावनाओं को तलाशने और विचारों का आदान-प्रदान करने में सक्षम बनाया। भारत पहले से ही लीमा बीन्स की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग से संबंधित एक परियोजना में संलग्न है। बैठक में हुई चर्चाओं के दौरान हम 'त्वरित प्रभाव वाले प्रोजेक्ट्स' के लिए एक रूपरेखा तैयार करने पर सहमत हुए, जिनसे स्थानीय समुदायों को लाभ होगा।

जयशंकर ने कहा, "हमने स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों और कैरिकॉम सदस्यों के उपयोग के लिए चिकित्सा सामग्रियों और आपातकालीन आपूर्ति को निकटता में रखने के महत्व पर भी चर्चा की। पर्यटन, सेंट किट्स और नेविस की अर्थव्यवस्था की जान है। हमारी चर्चाओं में इस क्षेत्र में भारतीय व्यवसायों की भागीदारी पर भी विचार किया गया।"

उन्होंने आगे कहा, 'हमने भारतीय प्रतिभाओं और कौशल को, विशेषकर स्वास्थ्य, पर्यटन और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में, और अधिक सुगमता से उपलब्ध कराने के लाभों पर भी विचार किया।”

विदेश मंत्री जयशंकर ने इस वर्ष जनवरी में कैरिकॉम की अध्यक्षता संभालने पर सेंट किट्स एंड नेविस को बधाई दी, और भारत तथा कैरिकॉम देशों के बीच संबंधों की सराहना की।

Point of View

भारत और सेंट किट्स एवं नेविस के बीच संबंधों का यह नया चरण उच्चायोग की स्थापना के माध्यम से गहरी साझेदारी की ओर अग्रसर है, जो दोनों देशों के लिए फायदेमंद साबित होगा।
NationPress
09/04/2026

Frequently Asked Questions

सेंट किट्स और नेविस का उच्चायोग कब खोला गया?
सेंट किट्स और नेविस का उच्चायोग 7 अप्रैल 2023 को खोला गया।
यह उच्चायोग किस उद्देश्य से खोला गया है?
यह उच्चायोग द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए खोला गया है।
एस. जयशंकर ने इस उद्घाटन पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि यह दूतावास संबंधों को और मजबूत बनाने में मदद करेगा।
भारत और सेंट किट्स के बीच संबंधों का इतिहास क्या है?
दोनों देशों के बीच 1983 में कूटनीतिक संबंध स्थापित हुए थे।
क्या इस उच्चायोग का स्थानीय समुदायों पर कोई प्रभाव पड़ेगा?
हाँ, स्थानीय समुदायों को लाभ पहुंचाने के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर काम किया जाएगा।
Nation Press