भारत के रणनीतिक भंडारों में 3.37 मिलियन मीट्रिक टन कच्चा तेल: केंद्र सरकार का खुलासा

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भारत के रणनीतिक भंडारों में 3.37 मिलियन मीट्रिक टन कच्चा तेल: केंद्र सरकार का खुलासा

सारांश

केंद्र सरकार ने बताया कि भारत के रणनीतिक भंडारों में 3.37 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक कच्चा तेल है, जो कुल भंडारण क्षमता का 64 प्रतिशत है। यह जानकारी संसद में दी गई है। जानिए इस भंडार के महत्व के बारे में।

Key Takeaways

  • भारत के रणनीतिक भंडारों में 3.37 मिलियन मीट्रिक टन कच्चा तेल है।
  • ये भंडार कुल स्टोरेज क्षमता का 64%25 हैं।
  • आईएसपीआरएल के माध्यम से तेल भंडारण सुविधाएँ स्थापित की गई हैं।
  • भारत ने कच्चे तेल के विभिन्न स्रोतों से आयात को बढ़ाया है।
  • कच्चा तेल भंडारण आपूर्ति संकट से बचने के लिए महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार ने सोमवार को संसद में जानकारी दी कि देश के रणनीतिक भंडारों में 3.37 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक कच्चा तेल उपलब्ध है, जो कुल भंडारण क्षमता का 64 प्रतिशत है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर के दौरान बताया कि सरकार ने इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व लिमिटेड (आईएसपीआरएल) नामक एक विशेष इकाई के माध्यम से आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में तीन स्थानों पर 5.3 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) कच्चे तेल की कुल क्षमता वाली रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (एसपीआर) सुविधाएं स्थापित की हैं। ये सुविधाएं अल्पकालिक आपूर्ति संकटों के लिए एक बफर के रूप में कार्य करेंगी।

मंत्री ने बताया कि तटीय क्षेत्रों में स्थित इन भंडारों में कच्चे तेल की उपलब्धता बाजार की स्थिति के अनुसार बदलती रहती है। इस समय, आईएसपीआरएल के पास लगभग 3.372 मिलियन मीट्रिक टन कच्चा तेल का भंडार है, जो कुल भंडारण क्षमता का लगभग 64 प्रतिशत है।

उन्होंने आगे बताया कि जुलाई 2021 में सरकार ने ओडिशा और कर्नाटक में कुल 6.5 मिलियन मीट्रिक टन भंडारण क्षमता वाली दो अतिरिक्त वाणिज्यिक-सह-स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम भंडार सुविधाओं की स्थापना को मंजूरी दी थी।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि कच्चे तेल की आपूर्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता के जोखिम को कम करने के लिए, सार्वजनिक क्षेत्र के तेल और गैस उद्यम (पीएसई) विभिन्न स्रोतों से कच्चा तेल प्राप्त करते हैं। वर्तमान में, ये पीएसई मध्य पूर्व के पारंपरिक आपूर्तिकर्ताओं के अलावा, अमेरिका, नाइजीरिया, अंगोला, कनाडा, कोलंबिया, ब्राजील और मैक्सिको जैसे नए आपूर्तिकर्ताओं से कच्चा तेल आयात कर रहे हैं।

जब होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट आई, जिससे दुनिया के 20 प्रतिशत तेल और गैस निर्यात प्रभावित हुए, तब भारत ने अपने तेल और गैस आयात को विविधता प्रदान की। अब देश के कुल तेल आयात का लगभग 70 प्रतिशत खाड़ी देशों के बाहर से आ रहा है।

Point of View

भारत के रणनीतिक भंडारों में मौजूद कच्चा तेल की मात्रा न केवल ऊर्जा सुरक्षा का संकेत देती है, बल्कि यह देश की ऊर्जा नीति में विविधता और स्थिरता का भी प्रतीक है। सरकार की पहलें इस दिशा में सराहनीय हैं।
NationPress
23/03/2026

Frequently Asked Questions

भारत के रणनीतिक भंडार में कच्चा तेल की मात्रा क्या है?
भारत के रणनीतिक भंडारों में 3.37 मिलियन मीट्रिक टन कच्चा तेल उपलब्ध है।
ये भंडार किस प्रकार की सुविधाएँ हैं?
ये सुविधाएँ अल्पकालिक आपूर्ति संकटों के लिए बफर के रूप में कार्य करती हैं।
भारत कच्चा तेल कहाँ से आयात करता है?
भारत विभिन्न देशों से कच्चा तेल आयात करता है, जिनमें इराक, सऊदी अरब, और अमेरिका शामिल हैं।
क्या भारत ने नए आपूर्तिकर्ताओं से कच्चा तेल आयात करना शुरू किया है?
हाँ, भारत अब अमेरिका, नाइजीरिया, और अन्य देशों से कच्चा तेल आयात कर रहा है।
कच्चे तेल की आपूर्ति में विविधता का महत्व क्या है?
यह विभिन्न स्रोतों से निर्भरता को कम करता है और आपूर्ति सुरक्षा को सुनिश्चित करता है।
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