भारत की एनर्जी सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए सरकार के ठोस कदम: पीएम मोदी

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भारत की एनर्जी सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए सरकार के ठोस कदम: पीएम मोदी

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान युद्ध के चलते ऊर्जा आपूर्ति में आ रही बाधाओं के बीच भारत की एनर्जी सिक्योरिटी को सुरक्षित रखने के लिए सरकार के प्रयासों पर जोर दिया है। जानिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं।

Key Takeaways

  • सरकार की एनर्जी सिक्योरिटी को लेकर गंभीरता
  • स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व की बढ़ती क्षमता
  • दैनिक LPG सिलेंडर वितरण में वृद्धि
  • कच्चे तेल के वैकल्पिक स्रोतों की उपलब्धता
  • ऊर्जा संकट के प्रति सरकार की सक्रियता

नई दिल्ली, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि ईरान युद्ध के चलते तेल और गैस की आपूर्ति में आ रही रुकावटों के बीच, सरकार भारत की एनर्जी सिक्योरिटी को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि उनकी सरकार ने एनर्जी सेक्टर में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिससे देश को भारी आर्थिक लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले, भारत के पास स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व के लिए सीमित भंडारण क्षमता थी, लेकिन अब हमारे पास पर्याप्त रिजर्व मौजूद हैं।

उन्होंने 5.33 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) की कुल क्षमता वाली स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व सुविधाओं का उल्लेख किया, जो भू-राजनीतिक विवादों जैसे तात्कालिक आपूर्ति संकटों से निपटने में सहायक होंगी। इसका उद्देश्य लगभग 9.5 दिनों की कच्चे तेल की आवश्यकता को पूरा करना है।

इसके अतिरिक्त, देश में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) के पास 64.5 दिनों की कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के भंडारण की क्षमता उपलब्ध है। इस प्रकार, वर्तमान में कुल राष्ट्रीय भंडारण क्षमता 74 दिनों की हो गई है।

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में चल रहे युद्धों के कारण भारत के नागरिकों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। इसी बीच, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि सरकार निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है और प्रतिदिन 50 लाख एलपीजी सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं, इसलिए उपभोक्ताओं को रसोई गैस के लिए पैनिक बुकिंग से बचना चाहिए।

यह युद्ध का 13वां दिन है और इतिहास में पहली बार, होर्मुज का जलडमरूमध्य वाणिज्यिक शिपिंग के लिए प्रभावी रूप से बंद कर दिया गया है। हालांकि, मंत्रालय के बयान में बताया गया है कि भारत के लिए कच्चा तेल 40 से अधिक देशों से प्राप्त किया जा रहा है, और 70 प्रतिशत कच्चे तेल के आपूर्तिकर्ता अब होर्मुज के जलडमरूमध्य के अतिरिक्त अन्य मार्गों से आ रहे हैं।

भारत की दैनिक तेल खपत 5.5 मिलियन बैरल है। कई मामलों में यह 100 प्रतिशत से अधिक है। यह विशाल रिफाइनिंग क्षमता वर्तमान युद्ध संकट के दौरान पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता के मामले में देश को अधिक सुरक्षित स्थिति में ला रही है।

सरकार के अनुसार, पेट्रोलियम उत्पादों के वितरण के लिए 1 लाख से अधिक रिटेल आउटलेट्स हैं, जिनके पास पर्याप्त भंडार मौजूद है।

Point of View

भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहा है।
NationPress
13/03/2026

Frequently Asked Questions

क्या भारत की एनर्जी सिक्योरिटी को खतरा है?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि ईरान युद्ध के कारण आ रही बाधाओं के बावजूद सरकार एनर्जी सिक्योरिटी को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व क्या है?
स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व एक भंडारण सुविधा है, जिसका उपयोग तात्कालिक तेल आपूर्ति संकट में किया जाता है।
भारत की दैनिक तेल खपत कितनी है?
भारत की दैनिक तेल खपत लगभग 5.5 मिलियन बैरल है।
सरकार ने कितने LPG सिलेंडर वितरित किए हैं?
सरकार प्रतिदिन 50 लाख LPG सिलेंडर वितरित कर रही है।
भारत के लिए कच्चा तेल कहाँ से आ रहा है?
भारत के लिए कच्चा तेल 40 से अधिक देशों से प्राप्त किया जा रहा है।
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