रेगिस्तान में गरजी ‘अग्नि वर्षा’: भारतीय सेना ने टैंक, तोप और रॉकेट के साथ दिखाया युद्ध कौशल
सारांश
Key Takeaways
- ‘अग्नि वर्षा’ अभ्यास में भारतीय सेना ने उच्च तकनीक का उपयोग किया।
- यह अभ्यास संयुक्त कार्रवाई की क्षमता का प्रदर्शन है।
- अभ्यास में शामिल उपकरणों का समन्वय और सटीकता प्रशंसा का विषय है।
- विदेशी पत्रकारों ने इस अभ्यास की सराहना की।
- यह अभ्यास भारतीय सेना की सामरिक शक्ति का प्रतीक है।
नई दिल्ली, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय सेना ने युद्धक टैंक, पैदल सेना, तोपखाना, रॉकेट प्रणाली, हेलिकॉप्टर और ड्रोन इकाइयों के साथ मिलकर मरुभूमि में ‘अग्नि वर्षा’ का सफल प्रदर्शन किया है। यह अभ्यास वास्तविक युद्ध परिस्थितियों के अनुरूप आयोजित किया गया था। यहां विभिन्न हथियार प्रणालियों और टुकड़ियों ने एक साथ समन्वित कार्रवाई की।
सेना ने अपनी ताकत का शानदार प्रदर्शन किया। ‘अग्नि वर्षा’ अभ्यास भारतीय थल सेना की दक्षिणी कमान द्वारा राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में किया गया। इसमें रेगिस्तानी क्षेत्र में सेना की ऑपरेशनल तैयारी, संयुक्त युद्ध कौशल और आधुनिक तकनीकी समन्वय का बेहतरीन उदाहरण पेश किया गया।
इस अभ्यास में टी-90 मुख्य युद्धक टैंक, पैदल सेना के लड़ाकू वाहन, के-9 वज्र स्वचालित तोप, शरंग तोप प्रणाली और बोफोर्स तोप जैसे कई सैन्य प्लेटफार्म शामिल रहे। इसके अलावा, ‘अग्नि वर्षा’ अभ्यास में रॉकेट प्रक्षेपण प्लेटफार्म, स्वदेशी एएलएच ध्रुव शस्त्र हेलिकॉप्टर, एएच-64 अपाचे आक्रमण हेलिकॉप्टर और निगरानी तथा प्रहारक ड्रोन भी शामिल रहे।
भारतीय सेना के अनुसार, इन सभी प्रणालियों ने मिलकर लक्ष्यभेदन, मारक क्षमता और संचालन की गति को प्रदर्शित किया। ‘अग्नि वर्षा’ अभ्यास का मुख्य उद्देश्य विभिन्न युद्धक हथियारों के सामूहिक उपयोग को व्यवहारिक रूप से जांचना था। इसमें टैंक, पैदल सेना, तोपखाना, रॉकेट प्रणाली, हेलिकॉप्टर और मानवरहित हवाई प्रणालियों ने एक साथ मिलकर कार्य किया।
अभ्यास के दौरान लंबी दूरी तक सटीक प्रहार, युद्ध के माहौल में सैनिकों और संसाधनों की तैनाती की तीव्र गति, बहुआयामी युद्ध संचालन और ड्रोन तथा ड्रोन-रोधी प्रणालियों का प्रभावी उपयोग किया गया। कठिन रेगिस्तानी परिस्थितियों में भी सेना की टुकड़ियों ने तेज, सटीक और संगठित कार्रवाई कर यह दिखाया कि वे हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं।
इस सैन्य अभ्यास को २५ देशों से आए विदेशी रक्षा पत्रकारों ने भी देखा। इन पत्रकारों ने थार मरुस्थल में भारतीय सेना की संयुक्त टुकड़ियों की गति, सटीकता और समन्वय का अनुभव किया।
यह ध्यान देने योग्य है कि ‘अग्नि वर्षा’ अभ्यास भारतीय सेना के तकनीकी आधुनिकीकरण, स्वदेशीकरण और युद्ध क्षमता विकास की निरंतर प्रयासों का प्रतीक है।
वास्तव में, रेगिस्तान की तपती रेत पर गूंजती भारतीय सेना की ‘अग्नि वर्षा’ केवल एक सैन्य अभ्यास नहीं, बल्कि भारत की सामरिक शक्ति, आत्मविश्वास और अडिग संकल्प का प्रभावशाली प्रदर्शन है।