मणिपुर में भारतीय सेना की प्रतिबद्धता: सभी समुदायों की सुरक्षा का आश्वासन
सारांश
Key Takeaways
- भारतीय सेना की प्रतिबद्धता: सभी समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
- स्थानीय संवाद: जीओसी ने निवासियों के साथ सीधी बातचीत की।
- सुरक्षा उपाय: 113 नाके और चेकपॉइंट की स्थापना।
- कर्फ्यू उल्लंघन: छह व्यक्तियों की गिरफ्तारी।
- उग्रवाद के खिलाफ कार्रवाई: तलाशी अभियान में तेजी।
इंफाल, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय सेना की 'रेड शील्ड डिवीजन' के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) ने पुनः यह स्पष्ट किया है कि भारतीय सेना मणिपुर में सभी समुदायों की सुरक्षा और संरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता में दृढ़ है।
रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि जीओसी ने भारतीय सेना की भूमिका पर बल दिया, जो एक निष्पक्ष और विश्वसनीय बल के रूप में राज्य में लोगों की जान बचाने और शांति स्थापित करने के लिए समर्पित है।
जीओसी ने जनसंपर्क प्रयासों के तहत सिनाइकेइथेई और टिंगपिबुंग के दूरस्थ गांवों का दौरा किया। यहाँ तांगखुल नागा और कुकी समुदाय के लोग निवास करते हैं। उन्होंने क्षेत्र की स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय निवासियों से सीधी बातचीत की।
इस दौरान, सेना के अधिकारियों ने नागरिक समाज संगठनों (सीएसओ) और गांव के मुखियाओं के साथ संवाद किया। उन्होंने आपसी समझ को बढ़ावा देने और तनाव को कम करने के लिए शांतिपूर्ण उपाय खोजने के लिए सार्थक चर्चाएं कीं।
जीओसी ने सभी पक्षों से आग्रह किया कि वे क्षेत्र में सद्भाव और स्थिरता को बहाल करने के लिए मिलकर प्रयास करें।
लेफ्टिनेंट कर्नल रावत ने कहा, "गांव वालों को आश्वस्त करते हुए जीओसी ने यह संदेश दिया कि भारतीय सेना सभी समुदायों की सुरक्षा में अडिग है।"
यह दौरा भारतीय सेना के प्रयासों को रेखांकित करता है, जो विश्वास बढ़ाने, सामुदायिक संबंधों को मज़बूत करने और मणिपुर में स्थायी शांति स्थापित करने में योगदान दे रहा है।
इस बीच, मणिपुर पुलिस ने इंफाल पूर्वी जिले के अहल्लुप माखा लेइकाई में कर्फ्यू का उल्लंघन करने के आरोप में छह व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर हमला किया और उनके हथियार छीनने का प्रयास किया।
गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान यांगोइजम बोरिश सिंह (23), मंगसाताबम डेविड सिंह (21), पांगंबम निवास मेइतेई (22), लैतोंजम रोमेन सिंह (22), फाइरेनजम टोनी (21) और निंगथौजम डेनिश सिंह (22) के रूप में हुई है।
सुरक्षा बलों ने सेनापति जिले के टी. खुलेन नाका चेक पोस्ट पर दो लोगों को गिरफ्तार किया, जिनके पास से लगभग 4 करोड़ रुपए की प्रतिबंधित मेथामफेटामाइन गोलियां बरामद की गईं।
इस अभियान के दौरान एक कार और चार मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। केंद्रीय और राज्य एजेंसियों सहित सुरक्षा बल उग्रवादी गतिविधियों पर अपनी कार्रवाई को तेज कर रहे हैं, जिसमें तलाशी अभियान और संवेदनशील इलाकों में नियंत्रण के प्रयास शामिल हैं।
संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने के लिए घाटी और पहाड़ी क्षेत्रों में कुल 113 नाके और चेकपॉइंट बनाए गए हैं।
इसके अलावा, सुरक्षाकर्मी इंफाल-जिरीबाम नेशनल हाईवे (एनएच-37) पर आवश्यक सामान ले जाने वाले ट्रकों समेत अन्य वाहनों को सुरक्षा (एस्कॉर्ट) प्रदान कर रहे हैं।
सामान और यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए जा रहे हैं। मणिपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और सोशल मीडिया पर चल रहे फर्जी वीडियो से सतर्क रहें।
पुलिस ने चेतावनी दी है, "किसी भी वायरल वीडियो या ऑडियो क्लिप की सच्चाई की पुष्टि केंद्रीय नियंत्रण कक्ष के माध्यम से की जानी चाहिए। बिना पुष्टि वाला या भ्रामक सामग्री अपलोड करने या साझा करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"