इंडिगो फ्लाइट 6E925 पर आकाशीय बिजली गिरी, नोज क्षतिग्रस्त; पायलट की सूझबूझ से 100+ यात्री सुरक्षित
सारांश
मुख्य बातें
इंडिगो फ्लाइट 6E925 बुधवार, 8 अक्टूबर 2026 को पटना से लखनऊ की यात्रा के दौरान लगभग 17,000 फीट की ऊँचाई पर आकाशीय बिजली की चपेट में आ गई, जिससे विमान का अगला हिस्सा यानी नोज बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पायलट की असाधारण सूझबूझ से 100 से अधिक यात्रियों की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। विश्व हिंदू रक्षा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय, जो इस उड़ान में सवार थे, ने उस खौफनाक अनुभव का विस्तृत विवरण दिया।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा
फ्लाइट दोपहर 3 बजकर 10 मिनट पर पटना से रवाना हुई। गोपाल राय के अनुसार, उड़ान के लगभग 30 मिनट तक सब सामान्य रहा, उसके बाद अचानक एक भयंकर काला घेरा दिखाई दिया और 'तड़ाम' की जोरदार आवाज़ सुनाई दी। राय ने बताया, 'हमें लगा कि इंजन में कोई गड़बड़ी आ गई है।'
उन्होंने विवरण दिया कि विमान 10-10 फीट करके लगभग 100 फीट नीचे चला गया और फिर जोर लगाकर ऊपर आया — एक फ्री फॉल जैसा अनुभव। 'कभी फ्लाइट इधर जा रही थी, तो कभी उधर। लगा कि विमान का बैलेंस बिगड़ गया है,' राय ने बताया। यात्रियों के मन में इंजन फेल होने और पायलट की स्थिति को लेकर अनेक आशंकाएँ उठीं, हालाँकि क्रू मेंबर ने स्पष्ट किया कि पायलटों की बाकायदा जाँच होती है।
यात्रियों का खौफ: आँखों देखा हाल
गोपाल राय ने बताया कि विमान में मौजूद सभी यात्रियों ने उस क्षण मान लिया था कि अब बचना मुश्किल है। उन्होंने एक मार्मिक दृश्य का ज़िक्र किया — अयोध्या की लगभग 30 वर्षीया एक महिला डॉक्टर रोते हुए अपनी माँ को संदेश टाइप कर रही थी: 'मम्मी, अब नहीं लगता कि बचूंगी।'
राय ने कहा, 'मैं पिछले 25 साल से हवाई यात्रा कर रहा हूँ, लेकिन ऐसा अनुभव कभी नहीं हुआ था। विमान में बच्चे भी रो रहे थे।' यह दृश्य उस चरम भय की तस्वीर खींचता है जो उस समय पूरे केबिन में व्याप्त था।
पायलट की प्रतिक्रिया और क्रू का साहस
सुरक्षित लैंडिंग के बाद गोपाल राय ने पायलट से मुलाकात की, जो गेट पर क्रू के साथ खड़े थे। पायलट ने बताया, 'सर, मैं भी 25 साल से पायलट हूँ और मेरे साथ भी ऐसा कभी नहीं हुआ।' महिला क्रू मेंबर ने भी स्वीकार किया कि वह भी घबरा गई थीं और मौसम की वजह से हुई इस अप्रत्याशित घटना से अनजान थीं।
गौरतलब है कि फ्लाइट 6E925 के नोज यानी अगले हिस्से को आकाशीय बिजली से गंभीर क्षति पहुँची थी। इसके बावजूद पायलट ने पूरी स्थिति को नियंत्रण में रखते हुए लखनऊ में सुरक्षित लैंडिंग कराई।
भारत रत्न की माँग: गोपाल राय का बयान
गोपाल राय ने पायलट की तारीफ करते हुए कहा, 'मैं भारत सरकार और प्रधानमंत्री से कहना चाहता हूँ कि ऐसे पायलट को भारत रत्न दिया जाना चाहिए, क्योंकि उन्होंने 150 लोगों की जान बचाई है।' उन्होंने पायलट को नमन करते हुए कहा कि ऐसी विपरीत परिस्थिति में संयम बनाए रखना असाधारण साहस का प्रमाण है।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत में विमानन सुरक्षा और पायलट प्रशिक्षण मानकों पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा होती रही है। आकाशीय बिजली की चपेट में आने के बावजूद सुरक्षित लैंडिंग विमानन उद्योग के प्रशिक्षण और तकनीकी मानकों की एक उल्लेखनीय परीक्षा मानी जा रही है।
आगे क्या होगा
विमानन नियामक संस्था DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) सामान्यतः ऐसी घटनाओं की जाँच करती है, हालाँकि इस मामले में अभी तक किसी आधिकारिक जाँच की घोषणा की सूचना नहीं है। इंडिगो की ओर से भी अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। क्षतिग्रस्त विमान के तकनीकी मूल्यांकन और भविष्य की उड़ानों पर इसके प्रभाव की जानकारी आने वाले दिनों में स्पष्ट होने की उम्मीद है।