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इंडिगो फ्लाइट 6E925 पर आकाशीय बिजली गिरी, नोज क्षतिग्रस्त; पायलट की सूझबूझ से 100+ यात्री सुरक्षित

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इंडिगो फ्लाइट 6E925 पर आकाशीय बिजली गिरी, नोज क्षतिग्रस्त; पायलट की सूझबूझ से 100+ यात्री सुरक्षित

सारांश

पटना से लखनऊ जा रही इंडिगो फ्लाइट 6E925 पर 17,000 फीट की ऊँचाई पर बिजली गिरी, विमान का नोज क्षतिग्रस्त हुआ — फिर भी पायलट ने 100 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित उतारा। सवार विश्व हिंदू रक्षा परिषद के अध्यक्ष गोपाल राय ने उस खौफनाक पल को बयान किया और पायलट के लिए भारत रत्न की माँग उठाई।

मुख्य बातें

इंडिगो फ्लाइट 6E925 बुधवार को पटना से लखनऊ मार्ग पर लगभग 17,000 फीट की ऊँचाई पर आकाशीय बिजली की चपेट में आई।
विमान का नोज (अगला हिस्सा) बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन पायलट की सूझबूझ से 100 से अधिक यात्री सुरक्षित लखनऊ पहुँचे।
फ्लाइट दोपहर 3:10 बजे पटना से रवाना हुई थी; उड़ान के करीब 30 मिनट बाद हादसा हुआ।
विश्व हिंदू रक्षा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने पायलट के लिए भारत रत्न देने की माँग की।
पायलट ने स्वीकार किया कि 25 साल के करियर में उनके साथ पहली बार ऐसा हुआ।

इंडिगो फ्लाइट 6E925 बुधवार, 8 अक्टूबर 2026 को पटना से लखनऊ की यात्रा के दौरान लगभग 17,000 फीट की ऊँचाई पर आकाशीय बिजली की चपेट में आ गई, जिससे विमान का अगला हिस्सा यानी नोज बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पायलट की असाधारण सूझबूझ से 100 से अधिक यात्रियों की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। विश्व हिंदू रक्षा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय, जो इस उड़ान में सवार थे, ने उस खौफनाक अनुभव का विस्तृत विवरण दिया।

घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा

फ्लाइट दोपहर 3 बजकर 10 मिनट पर पटना से रवाना हुई। गोपाल राय के अनुसार, उड़ान के लगभग 30 मिनट तक सब सामान्य रहा, उसके बाद अचानक एक भयंकर काला घेरा दिखाई दिया और 'तड़ाम' की जोरदार आवाज़ सुनाई दी। राय ने बताया, 'हमें लगा कि इंजन में कोई गड़बड़ी आ गई है।'

उन्होंने विवरण दिया कि विमान 10-10 फीट करके लगभग 100 फीट नीचे चला गया और फिर जोर लगाकर ऊपर आया — एक फ्री फॉल जैसा अनुभव। 'कभी फ्लाइट इधर जा रही थी, तो कभी उधर। लगा कि विमान का बैलेंस बिगड़ गया है,' राय ने बताया। यात्रियों के मन में इंजन फेल होने और पायलट की स्थिति को लेकर अनेक आशंकाएँ उठीं, हालाँकि क्रू मेंबर ने स्पष्ट किया कि पायलटों की बाकायदा जाँच होती है।

यात्रियों का खौफ: आँखों देखा हाल

गोपाल राय ने बताया कि विमान में मौजूद सभी यात्रियों ने उस क्षण मान लिया था कि अब बचना मुश्किल है। उन्होंने एक मार्मिक दृश्य का ज़िक्र किया — अयोध्या की लगभग 30 वर्षीया एक महिला डॉक्टर रोते हुए अपनी माँ को संदेश टाइप कर रही थी: 'मम्मी, अब नहीं लगता कि बचूंगी।'

राय ने कहा, 'मैं पिछले 25 साल से हवाई यात्रा कर रहा हूँ, लेकिन ऐसा अनुभव कभी नहीं हुआ था। विमान में बच्चे भी रो रहे थे।' यह दृश्य उस चरम भय की तस्वीर खींचता है जो उस समय पूरे केबिन में व्याप्त था।

पायलट की प्रतिक्रिया और क्रू का साहस

सुरक्षित लैंडिंग के बाद गोपाल राय ने पायलट से मुलाकात की, जो गेट पर क्रू के साथ खड़े थे। पायलट ने बताया, 'सर, मैं भी 25 साल से पायलट हूँ और मेरे साथ भी ऐसा कभी नहीं हुआ।' महिला क्रू मेंबर ने भी स्वीकार किया कि वह भी घबरा गई थीं और मौसम की वजह से हुई इस अप्रत्याशित घटना से अनजान थीं।

गौरतलब है कि फ्लाइट 6E925 के नोज यानी अगले हिस्से को आकाशीय बिजली से गंभीर क्षति पहुँची थी। इसके बावजूद पायलट ने पूरी स्थिति को नियंत्रण में रखते हुए लखनऊ में सुरक्षित लैंडिंग कराई।

भारत रत्न की माँग: गोपाल राय का बयान

गोपाल राय ने पायलट की तारीफ करते हुए कहा, 'मैं भारत सरकार और प्रधानमंत्री से कहना चाहता हूँ कि ऐसे पायलट को भारत रत्न दिया जाना चाहिए, क्योंकि उन्होंने 150 लोगों की जान बचाई है।' उन्होंने पायलट को नमन करते हुए कहा कि ऐसी विपरीत परिस्थिति में संयम बनाए रखना असाधारण साहस का प्रमाण है।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत में विमानन सुरक्षा और पायलट प्रशिक्षण मानकों पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा होती रही है। आकाशीय बिजली की चपेट में आने के बावजूद सुरक्षित लैंडिंग विमानन उद्योग के प्रशिक्षण और तकनीकी मानकों की एक उल्लेखनीय परीक्षा मानी जा रही है।

आगे क्या होगा

विमानन नियामक संस्था DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) सामान्यतः ऐसी घटनाओं की जाँच करती है, हालाँकि इस मामले में अभी तक किसी आधिकारिक जाँच की घोषणा की सूचना नहीं है। इंडिगो की ओर से भी अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। क्षतिग्रस्त विमान के तकनीकी मूल्यांकन और भविष्य की उड़ानों पर इसके प्रभाव की जानकारी आने वाले दिनों में स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें पायलट पास हुआ। आकाशीय बिजली से नोज क्षतिग्रस्त होने के बावजूद सुरक्षित लैंडिंग यह दर्शाती है कि संकट-प्रबंधन प्रशिक्षण काम करता है। हालाँकि सवाल यह भी उठता है कि खराब मौसम में उड़ान जारी रखने का निर्णय किस आधार पर हुआ — यह पहलू जाँच का विषय होना चाहिए। साथ ही, 'भारत रत्न' की माँग जैसी भावनात्मक प्रतिक्रिया उस मनोवैज्ञानिक आघात की गवाही है जो यात्रियों ने झेला, और यह DGCA से तत्काल पारदर्शी जाँच की माँग को और बल देती है।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिगो फ्लाइट 6E925 पर क्या हुआ था?
पटना से लखनऊ जा रही इंडिगो फ्लाइट 6E925 बुधवार को लगभग 17,000 फीट की ऊँचाई पर आकाशीय बिजली की चपेट में आई, जिससे विमान का नोज यानी अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। पायलट की सूझबूझ से 100 से अधिक यात्रियों की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।
गोपाल राय कौन हैं और वे इस उड़ान में क्यों थे?
गोपाल राय विश्व हिंदू रक्षा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। वे बुधवार को पटना से लखनऊ आ रहे इंडिगो फ्लाइट 6E925 में सवार थे और इस हादसे के प्रत्यक्षदर्शी रहे।
फ्लाइट में यात्रियों ने क्या अनुभव किया?
गोपाल राय के अनुसार विमान अचानक लगभग 100 फीट नीचे गिरा और फिर ऊपर उठा — फ्री फॉल जैसा अनुभव। यात्री बच्चे रो रहे थे और एक महिला डॉक्टर ने अपनी माँ को संदेश भेजा कि 'अब नहीं लगता कि बचूंगी।'
क्या इंडिगो या DGCA ने इस घटना पर कोई बयान दिया है?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार अभी तक इंडिगो की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। DGCA द्वारा किसी औपचारिक जाँच की घोषणा भी अभी तक नहीं हुई है।
गोपाल राय ने पायलट के लिए भारत रत्न की माँग क्यों की?
गोपाल राय ने कहा कि पायलट ने विमान का नोज क्षतिग्रस्त होने के बाद भी 150 लोगों की जान बचाई, जो असाधारण साहस और सूझबूझ का प्रमाण है। इसीलिए उन्होंने प्रधानमंत्री से इस पायलट को भारत रत्न देने की माँग की।
राष्ट्र प्रेस
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