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इंडिगो फ्लाइट 6E-625 पर 17,000 फीट पर बिजली गिरी, लखनऊ में इमरजेंसी लैंडिंग; DGCA की जांच शुरू

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इंडिगो फ्लाइट 6E-625 पर 17,000 फीट पर बिजली गिरी, लखनऊ में इमरजेंसी लैंडिंग; DGCA की जांच शुरू

सारांश

पटना से लखनऊ जा रही इंडिगो फ्लाइट 6E-625 पर 17,000 फीट की ऊंचाई पर बिजली गिरी और ओलावृष्टि से रेडोम क्षतिग्रस्त हुआ। 104 यात्री और 6 क्रू सुरक्षित उतरे। DGCA ने जांच शुरू की; विमान अगली मंजूरी तक ग्राउंड। यह इंडिगो की एक महीने में दूसरी बड़ी तकनीकी घटना है।

मुख्य बातें

इंडिगो फ्लाइट 6E-625 पर 7 अक्टूबर 2026 को 17,000 फीट की ऊंचाई पर बिजली गिरी।
विमान में सवार 104 यात्री और 6 क्रू सदस्य सभी सुरक्षित, विमान अपने समय से 8 मिनट पहले लखनऊ उतरा।
ओलावृष्टि के कारण विमान के अगले हिस्से का रेडोम क्षतिग्रस्त हुआ।
DGCA ने घटना की औपचारिक जांच शुरू की; रेगुलेटरी मंजूरी तक विमान ग्राउंड।
पिछले महीने इंडिगो के A321 Neo को केम्पेगौड़ा एयरपोर्ट पर 'टेल स्ट्राइक' की घटना के बाद यह एयरलाइन की एक महीने में दूसरी बड़ी तकनीकी घटना है।

इंडिगो एयरलाइंस की पटना से लखनऊ जा रही फ्लाइट 6E-625 पर 7 अक्टूबर 2026 को 17,000 फीट की ऊंचाई पर बिजली गिरी, जिसके बाद विमान को लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। विमान में सवार 104 यात्री और 6 क्रू सदस्य सभी सुरक्षित बताए गए हैं। भारत के नागरिक उड्डयन नियामक डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने घटना की औपचारिक जांच शुरू कर दी है।

घटनाक्रम: क्या हुआ उस उड़ान में

इंडिगो के प्रवक्ता के अनुसार, 7 अक्टूबर को पटना से उड़ान भरने वाली फ्लाइट 6E-625 को मार्ग में खराब मौसम का सामना करना पड़ा। 17,000 फीट की ऊंचाई पर विमान पर बिजली गिरी और लैंडिंग के दौरान ओलावृष्टि भी हुई। इसकी वजह से विमान के अगले हिस्से में लगे रेडोम (रडार कवर) को नुकसान पहुंचा।

विमान अपने निर्धारित समय से आठ मिनट पहले लखनऊ एयरपोर्ट पर उतरा। इंडिगो प्रवक्ता ने कहा, 'विमान सुरक्षित उतरा और सभी यात्री अपनी मंजिल लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सकुशल पहुंच गए।'

विमान पर लगाई गई रोक

घटना के तुरंत बाद संबंधित अधिकारियों को सूचित किया गया। विमान को फिलहाल उड़ान भरने से रोक दिया गया है और जब तक जरूरी तकनीकी जांच एवं रखरखाव पूरा नहीं हो जाता, यह ऑपरेशन से बाहर रहेगा। DGCA की अनुमति मिलने के बाद ही विमान को दोबारा उड़ान की इजाजत दी जाएगी।

DGCA की जांच और नियामकीय प्रक्रिया

DGCA ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। नियामक की प्रक्रिया के तहत विमान का तकनीकी परीक्षण, उड़ान डेटा और दल के बयान दर्ज किए जाएंगे। रेगुलेटरी मंजूरी मिलने के बाद ही विमान को पुनः सेवा में शामिल किया जाएगा।

इंडिगो की हालिया घटनाओं का संदर्भ

यह घटना ऐसे समय में आई है जब इंडिगो हाल के हफ्तों में एक अन्य विमान दुर्घटना से उबर रही है। पिछले महीने गुवाहाटी से बेंगलुरु जा रही इंडिगो की एक उड़ान केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान 'टेल स्ट्राइक' (विमान के पिछले हिस्से का रनवे से टकराना) का शिकार हुई थी। एयरलाइन ने उस घटना की पुष्टि करते हुए कहा था कि तेज हवाओं के कारण A321 Neo विमान का रनवे से 'असामान्य संपर्क' हुआ था और विमान को उस समय भी उड़ान से रोक दिया गया था।

गौरतलब है कि यह इंडिगो की दूसरी बड़ी तकनीकी घटना है, जो थोड़े ही अंतराल में सामने आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएं मानसून के बाद के मौसम में विमानन सुरक्षा प्रक्रियाओं की गहरी समीक्षा की मांग उठाती हैं।

आगे क्या होगा

DGCA की जांच रिपोर्ट आने तक इंडिगो पर नियामकीय दबाव बना रहेगा। नागरिक उड्डयन मंत्रालय की निगाहें भी इस प्रक्रिया पर होंगी, क्योंकि हाल की दोनों घटनाओं में यात्री सुरक्षा केंद्र में रही है। तकनीकी जांच और रखरखाव पूरा होने के बाद ही विमान की सेवा में वापसी संभव हो सकेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

अब लखनऊ में बिजली से रेडोम क्षतिग्रस्त — सिर्फ संयोग नहीं, बल्कि भारतीय विमानन में मौसम-संबंधी जोखिम प्रबंधन की बड़ी परीक्षा है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित रही, यह राहत की बात है, लेकिन DGCA को यह भी जांचना होगा कि क्या मौसम रडार चेतावनी प्रणाली और पायलट निर्णय-प्रक्रिया में कोई खामी रही। भारत में मानसून के बाद का मौसम विमानन के लिए हमेशा संवेदनशील रहा है, फिर भी घटनाओं की बढ़ती आवृत्ति नियामक समीक्षा को अपरिहार्य बनाती है।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिगो फ्लाइट 6E-625 पर क्या हुआ?
7 अक्टूबर 2026 को पटना से लखनऊ जा रही इंडिगो फ्लाइट 6E-625 पर 17,000 फीट की ऊंचाई पर बिजली गिरी और लैंडिंग के दौरान ओलावृष्टि से विमान का रेडोम क्षतिग्रस्त हो गया। विमान लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरा और सभी 104 यात्री व 6 क्रू सदस्य सुरक्षित रहे।
DGCA इस घटना की जांच क्यों कर रही है?
DGCA भारत का नागरिक उड्डयन नियामक है और किसी भी असामान्य विमानन घटना की जांच करना उसका दायित्व है। बिजली गिरने से विमान के ढांचे को नुकसान पहुंचना एक गंभीर तकनीकी घटना मानी जाती है, जिसके लिए नियामकीय समीक्षा अनिवार्य है।
क्षतिग्रस्त इंडिगो विमान कब से उड़ान भरेगा?
फिलहाल विमान को ग्राउंड कर दिया गया है। DGCA की जांच पूरी होने और आवश्यक तकनीकी रखरखाव के बाद ही नियामकीय मंजूरी मिलने पर विमान को दोबारा सेवा में शामिल किया जाएगा।
रेडोम क्या होता है और इसके क्षतिग्रस्त होने से क्या असर पड़ता है?
रेडोम विमान के अगले हिस्से में लगा एक सुरक्षात्मक कवर होता है जो भीतर स्थित मौसम रडार की रक्षा करता है। इसके क्षतिग्रस्त होने से मौसम रडार की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है, जो उड़ान सुरक्षा के लिए जरूरी होती है।
क्या इंडिगो के साथ हाल में और भी ऐसी घटनाएं हुई हैं?
हां, पिछले महीने गुवाहाटी से बेंगलुरु जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान 'टेल स्ट्राइक' का शिकार हुई थी, जिसमें A321 Neo विमान का पिछला हिस्सा रनवे से टकराया था। उस विमान को भी उड़ान से रोका गया था।
राष्ट्र प्रेस
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