क्या इंदौर में दूषित पानी से हुई त्रासदी की जांच करेगी राज्य स्तरीय समिति?
सारांश
Key Takeaways
- दूषित जल पीने से हुई त्रासदी की जांच के लिए समिति का गठन किया गया है।
- समिति में प्रमुख सदस्य और विशेषज्ञ शामिल हैं।
- भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुझाव दिए जाएंगे।
भोपाल/इंदौर, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के व्यापारिक शहर इंदौर में दूषित जल पीने की वजह से हुई त्रासदी की जांच के लिए एक राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसमें अध्यक्ष के साथ तीन सदस्य शामिल होंगे।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इंदौर में प्रदूषित जल आपूर्ति से जुड़े घटनाक्रम की गहन समीक्षा के लिए राज्य शासन ने अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन संजय कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में यह समिति बनाई है।
सामान्य प्रशासन विभाग ने बताया है कि समिति में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी पी. नरहरि, आयुक्त संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री संकेत भोडवे को सदस्य बनाया गया है। आयुक्त इंदौर संभाग, इंदौर सुदाम खाड़े को सदस्य-सचिव नामित किया गया है।
यह समिति इंदौर के भागीरथपुरा में हुई घटना के वास्तविक कारणों और आवश्यक तथ्यों का परीक्षण करेगी एवं घटना से संबंधित प्रशासनिक, तकनीकी और प्रबंधनगत कमियों का विश्लेषण करेगी। समिति जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने के साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुझाव भी देगी।
समिति आवश्यक अभिलेख, प्रतिवेदन और जानकारी प्राप्त कर सकेगी और आवश्यकता पड़ने पर स्थल निरीक्षण भी करेगी। जांच प्रतिवेदन को यथाशीघ्र, लेकिन अधिकतम एक माह के भीतर, राज्य शासन को प्रस्तुत किया जाएगा।
पिछले दिनों इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल पीने से बड़ी संख्या में लोगों की मृत्यु हुई थी और सैकड़ों लोग बीमार पड़े थे। इसके बाद सरकार ने कई अधिकारियों के तबादले और निलंबन किए। इस मामले पर राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हैं, जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी का इंदौर दौरा भी शामिल है।