क्या इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतें 'अर्बन मॉडल' हैं? : राहुल गांधी
सारांश
Key Takeaways
- इंदौर में दूषित पानी पीने का गंभीर मामला
- राहुल गांधी ने सरकार पर आरोप लगाया
- मुआवजे की मांग की गई
इंदौर, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के प्रमुख नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इंदौर में दूषित पानी पीने के कारण हुई त्रासदी पर सरकार को तीखा आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि इंदौर में पानी पीने से हुई मौतें एक अर्बन मॉडल का उदाहरण हैं। यह समस्या केवल इंदौर तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी लोग साफ पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
हाल ही में भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं और कई लोगों ने अपनी जान गंवाई है। पीड़ितों का इलाज अब भी जारी है। राहुल गांधी ने शनिवार को इंदौर का दौरा किया और पीड़ितों से मुलाकात की।
उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "पानी पीने से हुई मौतों के बाद भी इंदौर में साफ पानी का अभाव है। लोग पानी पीकर मर रहे हैं। यह एक अर्बन मॉडल है और यह केवल इंदौर में नहीं हो रहा। यह कई अन्य शहरों में भी देखा जा रहा है। सरकार की जिम्मेदारी है कि वह लोगों को साफ पानी उपलब्ध कराए। अगर ऐसा नहीं हो रहा है, तो किसी को तो जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा कि जो लोग बीमार हुए हैं उन्हें मुआवजा मिलना चाहिए, क्योंकि यह सब सरकार की लापरवाही का नतीजा है। इंदौर में आज भी साफ पानी की कमी है। कुछ व्यवस्थाएं की गई हैं, लेकिन यह अस्थायी हैं। जैसे ही मीडिया का ध्यान हटा, स्थिति फिर से खराब हो जाएगी।"
जब राहुल गांधी से पूछा गया कि क्या उन्हें पीड़ितों से मिलने से रोका गया, तो उन्होंने इसे सिरे से नकारते हुए कहा, "मैं उनके साथ खड़ा हूं और उनकी मदद करने आया हूं। यह राजनीति नहीं है; यह लोगों की जिंदगी का सवाल है।"
इससे पहले, उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात की और दूषित पानी से संबंधित समस्याओं को समझा।