मध्य प्रदेश इंदौर-उज्जैन कॉरिडोर पर बन रहा है विशेष क्षेत्रीय मेडिकल हब: उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला
सारांश
Key Takeaways
- मध्य प्रदेश में नया मेडिकल हब स्थापित किया जाएगा।
- इंदौर-उज्जैन कॉरिडोर पर इसका निर्माण होगा।
- यह स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करेगा और मेडिकल पर्यटन को बढ़ावा देगा।
- आधुनिक तकनीक का उपयोग करके किफायती उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
- यह परियोजना रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी।
इंदौर, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने शुक्रवार को जानकारी दी कि प्रदेश इंदौर-उज्जैन कॉरिडोर के साथ एक विशेष क्षेत्रीय मेडिकल हब की स्थापना की योजना बनाई जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना और मेडिकल पर्यटन को प्रोत्साहित करना है।
इंदौर में आयोजित स्वास्थ्य और वेलनेस पर्यटन कॉरिडोर पर एक हितधारक परामर्श कार्यशाला में बोलते हुए डिप्टी सीएम शुक्ला ने बताया कि यह पहल प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देशभर में विशेष मेडिकल हब विकसित करने की राष्ट्रीय दृष्टि का हिस्सा है।
शुक्ला ने कहा, "मध्य प्रदेश में क्षेत्रीय मेडिकल हब के विकास का कार्य पहले से ही शुरू हो चुका है। इससे स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार होगा, मेडिकल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।"
उन्होंने कहा कि इंदौर-उज्जैन कॉरिडोर इस परियोजना के लिए एक आदर्श स्थान है। एक ओर है ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग और दूसरी ओर उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर है। बड़ी संख्या में लोग इन दोनों स्थानों पर दर्शन के लिए आते हैं, इसलिए यह क्षेत्र स्वाभाविक रूप से उपयुक्त है। इंदौर एक प्रमुख शैक्षिक केंद्र भी है।
डिप्टी सीएम ने कहा कि प्रस्तावित हब आधुनिक तकनीक का उपयोग करके विश्वस्तरीय, किफायती स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करेगा, साथ ही वेलनेस और आयुष-आधारित उपचार को भी प्रोत्साहित करेगा।
उन्होंने आगे कहा कि इसका उद्देश्य देश और विदेश से आने वाले मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार प्रदान करना और वैश्विक स्तर पर भारत की चिकित्सा क्षमताओं को प्रदर्शित करना है। भारत मेडिकल पर्यटन और वेलनेस सूचकांक में पहले से ही मजबूत स्थिति रखता है, और यह नया हब इस स्थिति को और मजबूत करेगा।
शुक्ला ने कहा कि यह परियोजना राज्य में मरीजों की देखभाल, पुनर्वास सेवाओं और आयुष सुविधाओं में सुधार करेगी। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में इस क्षेत्र का तेजी से विस्तार हो रहा है। मध्य प्रदेश भी इसका लाभ उठा रहा है, जहां टियर-2 और टियर-3 शहरों में वेलनेस केंद्र खुल रहे हैं।
उन्होंने लाखों लोगों को मुफ्त उपचार प्रदान करने में आयुष्मान भारत योजना की सफलता का भी उल्लेख किया।
उन्होंने आगे बताया कि राज्य के भीतर स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे में सुधार होने से मरीजों को मेट्रो शहरों की यात्रा करने की आवश्यकता कम हो गई है। पहले लोगों को अंग प्रत्यारोपण के लिए मुंबई जैसे शहरों में जाना पड़ता था, लेकिन अब ऐसी सुविधाएं इंदौर में ही उपलब्ध हैं।
डिप्टी सीएम ने जन स्वास्थ्य को लेकर चिंता भी जताई और कहा कि दूषित पेयजल बीमारियों का प्रमुख कारण है। उन्होंने मिट्टी के स्वास्थ्य और समग्र स्वास्थ्य परिणामों को बेहतर बनाने के लिए प्राकृतिक खेती के तरीकों को बढ़ावा देने का सुझाव दिया, जिसमें जैविक इनपुट का उपयोग भी शामिल है।