ईरान से भारतीयों की सुरक्षित वापसी: अजरबैजान के माध्यम से 300 से अधिक नागरिक निकाले गए
सारांश
Key Takeaways
- 300 से अधिक भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी जारी है।
- ईरान ने मशहद एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है।
- अजरबैजान के माध्यम से 189 छात्रों सहित नागरिकों को निकाला गया है।
- ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में प्रगति हुई है।
- ईरान किसी भी सैन्य टकराव के लिए तैयार है।
नई दिल्ली, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अजरबैजान के माध्यम से ईरान से भारतीयों की सुरक्षित वापसी का कार्य जारी है। अब तक 300 से अधिक नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जिनमें 189 छात्र शामिल हैं। इसी बीच, ईरान ने मशहद एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें दोबारा आरंभ करने का निर्णय लिया है।
अजरबैजान के बाकू स्थित भारतीय दूतावास ने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा, ''अजरबैजान में भारत के राजदूत अभय कुमार ने अजरबैजान के रास्ते ईरान से निकाले गए छात्रों के आखिरी बैच से मुलाकात की। छह मार्च से अब तक अजरबैजान के माध्यम से ईरान से 189 छात्रों सहित 300 से अधिक भारतीय नागरिकों को सुरक्षित रूप से निकाला गया है।''
हाल ही में नई दिल्ली में हुई साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक 2,361 भारतीय नागरिकों को ईरान से सुरक्षित रूप से भारत लाया गया है। इनमें से 2,060 लोग आर्मेनिया के रास्ते और 301 लोग अजरबैजान के माध्यम से आए हैं। इन 2,361 में 1,041 भारतीय छात्र भी शामिल हैं, साथ ही तीन विदेशी छात्र (बांग्लादेश, श्रीलंका और गुयाना से एक-एक) हैं।
रविवार को, ईरान की सिविल एविएशन अथॉरिटी ने बताया कि सोमवार से उत्तर-पूर्वी प्रांत खोरासन रजावी में मशहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें फिर से शुरू की जाएंगी।
ईरान ने 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के पश्चात अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया था, जिससे समस्त नागरिक उड्डयन सेवाएं रुक गई थीं।
एविएशन अथॉरिटी ने कहा कि जैसे ही सैन्य और नागरिक अधिकारियों की तकनीकी और ऑपरेशनल तैयारियां पूरी होंगी, वैसे-वैसे एयरपोर्ट्स पर उड़ान सेवाएं सामान्य हो जाएंगी।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने रविवार को यह भी संकेत दिया कि अमेरिका के साथ बातचीत में कुछ 'प्रगति' हुई है, लेकिन अंतिम समझौते अभी काफी दूर हैं। फिलहाल दो हफ्ते का सीजफायर 22 अप्रैल को समाप्त होने वाला है।
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर कलीबाफ ने कहा कि तेहरान एक तरफ कूटनीतिक प्रयास कर रहा है, लेकिन साथ ही किसी भी सैन्य टकराव के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि ईरान अपने विरोधियों पर भरोसा नहीं करता और किसी भी बढ़ते तनाव का सामना करने के लिए तैयार है।