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क्या केरल में इसरो प्रमुख ने नेविगेशन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया?

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क्या केरल में इसरो प्रमुख ने नेविगेशन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया?

सारांश

इसरो के प्रमुख डॉ. वी. नारायणन ने केरल में अनंत टेक्नोलॉजीज द्वारा स्थापित नेविगेशन सेंटर का उद्घाटन किया। उन्होंने इसे देश के तकनीकी विकास की बड़ी उपलब्धि बताया। जानें इस तकनीक और उसके महत्व के बारे में।

मुख्य बातें

इसरो प्रमुख का उद्घाटन समारोह नेविगेशन क्षेत्र में भारत की प्रगति आत्मनिर्भरता की आवश्यकता तकनीकी विकास की उपलब्धियाँ ग्लोबल प्रतिस्पर्धा में वृद्धि

तिरुवनंतपुरम, २५ नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन ने अनंत टेक्नोलॉजीज द्वारा स्थापित नेविगेशन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया। समारोह के दौरान उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन उनके लिए बहुत खास है और यहाँ आकर उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे वे अपने ही इसरो परिवार के बीच हों।

उन्होंने उल्लेख किया, "आज सुबह मैं सोच रहा था कि मैं लगभग ३० प्रतिशत समय देशभर में यात्रा करने में बिताता हूं, बजाय इसरो ऑफिस में रहने के। इसके कारण मन में थोड़ी असहजता थी। यहाँ आने के बाद वह असहजता पूरी तरह खत्म हो गई, क्योंकि लगा जैसे मैं अपने परिवार के बीच हूं।"

नारायणन ने नेविगेशन, गाइडेंस और कंट्रोल सिस्टम को अत्यधिक उन्नत और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि इस तकनीक में मौजूद विशेषज्ञों की तुलना में उनका ज्ञान १० प्रतिशत से भी कम है।

उन्होंने याद किया कि १९९३ में रूस यात्रा के दौरान उन्होंने पहली बार लेजर जाइरोस्कोप का नाम सुना था।

उन्होंने कहा, "हमें लेजर जाइरोस्कोप की ड्रॉइंग्स और तकनीक भारत लानी थी। बहुत मुश्किल परिस्थितियों में कोई व्यक्ति उसे हमारे कमरे में लाया और तब हमने पहली बार उसे देखा।"

उन्होंने गर्व से कहा कि आज वही तकनीक भारत में, वह भी किसी सरकारी संस्थान में नहीं, बल्कि एक निजी संगठन में विकसित हो चुकी है। इसे उन्होंने देश के तकनीकी बदलाव की बड़ी उपलब्धि बताया।

इसरो प्रमुख ने कहा कि यदि देश को 'विकसित भारत' बनना है, तो खासकर रणनीतिक क्षेत्रों में इंपोर्ट पर निर्भरता लगभग खत्म करनी होगी।

उन्होंने कहा कि नेविगेशन सिस्टम, विमान, अंतरिक्ष यान या लॉन्च व्हीकल, सभी में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

नारायणन ने कहा, "थिबावली रॉकेट २५-३० प्रतिशत समय काम नहीं करता और जब काम करता है तो जहां चाहे वहां चला जाता है। लेकिन, हमारे लॉन्च व्हीकल को वहीं जाना होता है जहां हम तय करें और यही लक्ष्य पूरा करने के लिए हम सब काम करते हैं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर भी हमें प्रतिस्पर्धात्मकता में मदद करेगा।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इसरो का नेविगेशन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस क्या है?
यह एक ऐसा केंद्र है जो नेविगेशन, गाइडेंस और कंट्रोल सिस्टम के क्षेत्र में अनुसंधान और विकास करेगा।
डॉ. वी. नारायणन ने क्या कहा?
उन्होंने इसे देश के तकनीकी बदलाव की बड़ी उपलब्धि बताया और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया।
यह केंद्र किसने स्थापित किया है?
यह केंद्र अनंत टेक्नोलॉजीज द्वारा स्थापित किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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