11 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या जयपुर से गिरफ्तार हुआ एक और शातिर साइबर अपराधी, जिसने वृद्धा से 3 करोड़ की ठगी की?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या जयपुर से गिरफ्तार हुआ एक और शातिर साइबर अपराधी, जिसने वृद्धा से 3 करोड़ की ठगी की?

सारांश

नोएडा के साइबर थाना पुलिस ने एक वृद्ध महिला वकील से तीन करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी करने वाले एक शातिर साइबर अपराधी को जयपुर से गिरफ्तार किया है। यह मामला डिजिटल अरेस्ट से संबंधित है, जिसमें पहले भी तीन आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। जानिए इस मामले की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

डिजिटल अरेस्ट एक नई प्रकार की धोखाधड़ी है।
साइबर अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने तेज कार्रवाई की।
जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है।
पीड़ितों को जल्दी से शिकायत दर्ज करवानी चाहिए।
साइबर सुरक्षा उपायों का पालन करना चाहिए।

नोएडा, 17 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा के साइबर थाना पुलिस ने एक वृद्ध महिला वकील को डिजिटल अरेस्ट कर उनसे तीन करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी करने वाले एक अन्य शातिर साइबर अपराधी को राजस्थान के जयपुर से गिरफ्तार किया है।

इस मामले में साइबर पुलिस ने पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार, अज्ञात फोन नंबर से पीड़िता के लैंडलाइन नंबर पर कॉल किया गया था और बताया गया कि उनके आधार कार्ड का उपयोग कर बैंक खाते खोले गए हैं, जिनका प्रयोग जुआ और अवैध हथियारों की खरीद में किया गया है।

साइबर अपराधियों ने पीड़िता को गिरफ्तारी का भय दिखाकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर 3,29,70,000 रुपए की ठगी की थी, जिसके संबंध में पीड़िता ने अपनी शिकायत दर्ज करवाई थी। इसके बाद, उनकी शिकायत पर 30 जून को थाना साइबर क्राइम ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

साइबर पुलिस ने 16 जुलाई को जांच के आधार पर कार्यवाही करते हुए पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट कर 3,29,70,000 रुपए की धोखाधड़ी करने वाले शातिर साइबर अपराधी विपुल नागर (बेनिफिशियरी खाताधारक) को जयपुर, राजस्थान से गिरफ्तार किया है। इस मामले में पहले ही तीन आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।

पुलिस पूछताछ में विपुल नागर ने बताया कि उसने अपने बैंक खाते को सह आरोपी अजीत को दे दिया था, जिस पर धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि को प्राप्त किया जाता था, और आरोपी विपुल नागर को कमीशन मिलता था। इस घटना में 63 लाख रुपये आरोपी विपुल नागर के खाते में ट्रांसफर हुए थे। पुलिस इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो हमारे समाज में बढ़ते साइबर अपराध को दर्शाती है। पुलिस की कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन हमें भी सावधान रहना चाहिए। जागरूकता और सुरक्षा उपायों को अपनाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डिजिटल अरेस्ट क्या है?
डिजिटल अरेस्ट एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें साइबर अपराधी पीड़ित को धोखाधड़ी के डर से बंधक बना लेते हैं।
इस मामले में कितने आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं?
इस मामले में अब तक चार आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
क्या पुलिस ने अन्य आरोपियों की तलाश की है?
हाँ, पुलिस इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
क्या पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी?
हाँ, पीड़िता ने धोखाधड़ी के संबंध में शिकायत दर्ज करवाई थी।
इस मामले में पुलिस ने कब कार्रवाई की?
पुलिस ने 16 जुलाई को इस मामले में कार्रवाई की थी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 10 महीने पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले