क्या जल जीवन मिशन के तहत उत्तर प्रदेश में नल जल की गुणवत्ता देखी जा सकेगी?
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ, २४ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जल जीवन मिशन (जेजेएम) के अंतर्गत अब आम नागरिकों को घर-घर पहुँच रहे पेयजल की गुणवत्ता की जानकारी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध होगी। इसके लिए सभी पेयजल गुणवत्ता परीक्षण के परिणाम सार्वजनिक किए जाएंगे।
यह निर्देश केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अशोक कुमार मीणा ने लखनऊ के एक दिवसीय दौरे के दौरान दिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विकसित पोर्टल 'जेजेएम डॉट यूपी डॉट जीओवी डॉट इन' पर सभी पेयजल से संबंधित आंकड़े और गुणवत्ता रिपोर्ट को भारत सरकार के जेजेएम विलेज डैशबोर्ड और डीडब्ल्यूएसएम डैशबोर्ड से जोड़ा जाएगा। इससे जनता को अपने गाँव की पेयजल योजनाओं, जल गुणवत्ता और आपूर्ति की स्थिति की पारदर्शी जानकारी मिलेगी। इसके साथ ही लोग सुझाव और फीडबैक भी प्रदान कर सकेंगे।
अधिकारीयों के साथ समीक्षा बैठक में अशोक कुमार मीणा ने उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि योजना का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समितियों को और अधिक सक्रिय और सशक्त बनाने पर जोर दिया गया, ताकि योजनाओं का संचालन और रखरखाव स्थानीय स्तर पर बेहतर ढंग से किया जा सके।
केंद्रीय सचिव ने गोसाईगंज स्थित चांद सराय गाँव का दौरा कर जल जीवन मिशन के अंतर्गत हुए कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने गाँव में लागू जलापूर्ति व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे एक उत्कृष्ट और आदर्श जलापूर्ति योजना बताया।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने ग्राम प्रधान और ग्रामीणों से बातचीत कर योजना को लेकर उनका फीडबैक लिया। ग्रामीणों ने बताया कि योजना के लागू होने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। अब उन्हें पानी के लिए दूर नहीं जाना पड़ता और घर पर ही स्वच्छ पेयजल की नियमित आपूर्ति उपलब्ध हो रही है। इससे समय की बचत के साथ-साथ स्वास्थ्य और जीवन स्तर में भी सुधार हुआ है।