जलगांव सड़क हादसा: ट्रक-दोपहिया टक्कर में एक परिवार के 6 सदस्यों की मौत, तीन बच्चे भी शामिल
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के जलगांव जिले में 15 अक्टूबर 2026 को एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में मध्य प्रदेश के बुरहानपुर के एक ही परिवार के छह सदस्यों की मौत हो गई, जिनमें तीन मासूम बच्चे भी शामिल थे। जामनेर तालुका के मालदाभाड़ी के निकट हुई यह भीषण टक्कर एक बार फिर महाराष्ट्र की सड़कों पर बढ़ती दुर्घटनाओं की गंभीर स्थिति को उजागर करती है।
दुर्घटना का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, यह हादसा गुरुवार शाम करीब 4 बजे उस समय हुआ जब एक ट्रक और दोपहिया वाहन के बीच आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत हो गई। दोपहिया वाहन पर सवार सभी छह लोग मौके पर ही काल के गाल में समा गए।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, टक्कर इतनी तीव्र थी कि दोपहिया वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और पुलिस मामले की जाँच कर रही है।
मृतकों की पहचान
पुलिस ने बताया कि सभी मृतक मध्य प्रदेश के बुरहानपुर के एक ही परिवार से थे। मृतकों में तीन बच्चे भी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, मृतकों की पहचान के प्रयास जारी हैं और परिजनों को सूचित किया जा रहा है।
पीएम मोदी ने जताया दुख, मुआवज़े की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुखद हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को ₹2 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
महाराष्ट्र में सड़क दुर्घटनाओं का संदर्भ
गौरतलब है कि यह दुर्घटना ऐसे समय में हुई है जब पिछले महीने ही राज्य के नांदेड़ जिले में नांदेड़-भोकर सड़क पर एक यात्री वैन और ट्रक की आमने-सामने की टक्कर में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई थी और आठ अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
उस हादसे में वैन नांदेड़ से भोकर की ओर जा रही थी और टक्कर सीताखंडी घाट के पास शाम करीब 7 बजे हुई थी। स्थानीय निवासियों ने मलबे से घायलों को बाहर निकालने में सहायता की थी और घायलों को नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। उस हादसे में सैयद अलमास (बिलाल नगर, भोकर), शेख फिरोज़ (भोकर), पांडुरंग लक्ष्मण वाघमारे और उनकी पत्नी लक्ष्मीबाई पांडुरंग वाघमारे (सैयद नगर), तथा बलवान पवार (पोटाटांडा गांव, हदगांव तालुका) सहित पाँच मृतकों की पहचान हो सकी थी, जबकि एक की पहचान अभी भी अनिश्चित थी।
महाराष्ट्र में लगातार हो रही इन दुर्घटनाओं ने सड़क सुरक्षा उपायों और राजमार्ग प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ओवरलोडेड ट्रक, खराब सड़क अवस्था और यातायात नियमों की अनदेखी इन हादसों की प्रमुख वजह बनती है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतकों के परिजनों को सूचित किया जा रहा है और राहत राशि वितरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रशासन ने दुर्घटनास्थल का निरीक्षण कर सड़क सुरक्षा के उपाय करने का भी आश्वासन दिया है।