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क्या जम्मू-कश्मीर कैबिनेट ने रिजर्वेशन पॉलिसी को मंजूरी दी? उमर अब्दुल्ला ने बताया

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क्या जम्मू-कश्मीर कैबिनेट ने रिजर्वेशन पॉलिसी को मंजूरी दी? उमर अब्दुल्ला ने बताया

सारांश

जम्मू-कश्मीर कैबिनेट ने रिजर्वेशन पॉलिसी को मंजूरी दी है। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह फाइल अब लेफ्टिनेंट गवर्नर के पास भेजी गई है। क्या यह नई नीति लागू होगी? जानें इसके पीछे के कारण और संभावित प्रभाव इस लेख में।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर में रिजर्वेशन पॉलिसी को कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
ईडब्ल्यूएस और आरबीए कोटा में कटौती की गई है।
ओपन मेरिट जॉब्स में वृद्धि की संभावना है।
लेफ्टिनेंट गवर्नर के अनुमोदन के बाद नीति लागू होगी।
यह निर्णय स्थानीय लोगों पर व्यापक प्रभाव डालेगा।

श्रीनगर, 4 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को जानकारी दी कि कैबिनेट की सिफारिश के अनुसार रिजर्वेशन पॉलिसी को रेशनलाइज करने से संबंधित फाइल को लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा के पास अनुमोदन के लिए भेजा गया है।

उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, "हमें उम्मीद है कि वह इसे मंजूरी देंगे और इसके बाद आदेश जारी किया जाएगा।"

गौरतलब है कि कैबिनेट ने बुधवार को रिजर्वेशन पॉलिसी को मंजूरी दे दी।

बैठक में, कैबिनेट ने कैबिनेट सब-कमेटी (सीएससी) की सिफारिशों के आधार पर जम्मू-कश्मीर के लिए नई रिजर्वेशन पॉलिसी को मंजूरी दी और इसे उपराज्यपाल के पास भेज दिया है।

सूत्रों के अनुसार, संशोधित नीति में ईडब्ल्यूएस कोटा में 7 प्रतिशत और आरबीए (पिछड़े इलाकों के निवासी) कोटा में 3 प्रतिशत की कटौती की सिफारिश की गई है, जिससे ये क्रमशः तीन और सात प्रतिशत हो जाएंगे।

साथ ही, ओपन मेरिट जॉब्स और सीटों में वर्टिकल रिजर्वेशन में सीधे 40 प्रतिशत और 50 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है, जो अभी 30 प्रतिशत है, क्योंकि कैबिनेट ने आरबीए और ईडब्ल्यूएस श्रेणी में रिजर्वेशन में कटौती को मंजूरी दी है।

लद्दाख को बाहर रखना, जो कभी जम्मू-कश्मीर का हिस्सा था, आरबीए कोटा कम करने के कारणों में से एक बताया गया है। एक सूत्र ने कहा कि यदि एलजी कैबिनेट के प्रस्ताव को मंजूरी दे देते हैं, तो ईडब्ल्यूएस कोटा घटकर 3 प्रतिशत और आरबीए 7 प्रतिशत हो जाएगा।

जम्मू-कश्मीर में ईडब्ल्यूएस समेत रिजर्वेशन 70 प्रतिशत तक बढ़ गया था, जिससे ओपन मेरिट कैंडिडेट्स के लिए केवल 30 प्रतिशत नौकरियां और सीटें बची थीं, जिससे उनमें बहुत गुस्सा था।

सूत्र ने यह भी कहा कि रिजर्व पॉलिसी में ओपन मेरिट नौकरियां और सीटें डायरेक्ट ओपन मेरिट कोटे में कम से कम 40 प्रतिशत और वर्टिकल रिजर्वेशन कोटे में 50 प्रतिशत होंगी।

जम्मू-कश्मीर में एक समय आरबीए कोटा 20 प्रतिशत था। बाद में इसे घटाकर 10 कर दिया गया। ऐसे आरोप थे कि नेताओं और स्थानीय अधिकारियों ने अपने रिश्तेदारों को रिजर्वेशन का लाभ दिलाने के लिए अपने गांवों को आरबीए श्रेणी में शामिल करवाया।

अभी, एसटी-1, एसटी-2, आरबीए, और ईडब्ल्यूएस श्रेणी में से हर एक को 10 प्रतिशत रिजर्वेशन है, जबकि शेड्यूल्ड कास्ट और ओबीसी में से हर एक को 8 प्रतिशत कोटा है और एएलसी/आईबी श्रेणी में 4 प्रतिशत रिजर्वेशन है।

इसके अलावा, 10 प्रतिशत हॉरिजॉन्टल रिजर्वेशन है, जिसमें एक्स-सर्विसमैन के लिए 6 प्रतिशत और पर्सन विद डिसेबिलिटीज के लिए चार प्रतिशत शामिल है।

10 दिसंबर, 2024 को कैबिनेट ने सब-कमेटी बनाई, जिसने ठीक छह महीने बाद, यानी 10 जून, 2025 को अपनी रिपोर्ट दी। फिर कैबिनेट ने लॉ डिपार्टमेंट से सलाह मांगी और उसी के अनुसार रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि जम्मू-कश्मीर में रिजर्वेशन पॉलिसी में बदलाव का प्रभाव व्यापक होगा। यह निर्णय न केवल स्थानीय लोगों को प्रभावित करेगा, बल्कि यह पूरे देश में विचार विमर्श का विषय बनेगा। हमें इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू-कश्मीर में रिजर्वेशन पॉलिसी में क्या बदलाव हुए हैं?
जम्मू-कश्मीर की कैबिनेट ने रिजर्वेशन पॉलिसी में ईडब्ल्यूएस कोटा में 7 प्रतिशत और आरबीए कोटा में 3 प्रतिशत की कटौती की सिफारिश की है।
क्या नए रिजर्वेशन के तहत ओपन मेरिट को फायदा होगा?
हां, नए नियमों के अनुसार ओपन मेरिट जॉब्स में 40 प्रतिशत और वर्टिकल रिजर्वेशन में 50 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है।
यह नीति कब लागू होगी?
यह नीति लेफ्टिनेंट गवर्नर के अनुमोदन के बाद लागू होगी।
क्या लद्दाख कोटा कम करने का कारण क्या है?
लद्दाख को बाहर रखने को आरबीए कोटा कम करने का एक कारण बताया गया है।
रिजर्वेशन पॉलिसी में अन्य श्रेणियों का क्या होगा?
एसटी, ओबीसी, और एएलसी/आईबी श्रेणियों में भी रिजर्वेशन प्रतिशत में बदलाव होगा।
राष्ट्र प्रेस
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