क्या जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश से प्रशासन राहत कार्य में जुटा है?

सारांश
Key Takeaways
- जम्मू-कश्मीर में 200 मिलीमीटर बारिश हुई है।
- क्लाउड बर्स्ट के कारण नुकसान की आशंका।
- प्रशासन राहत कार्य में जुटा है।
- मुख्यमंत्री ने हाई अलर्ट का निर्देश दिया है।
- लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
जम्मू-कश्मीर, 24 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के विभिन्न जिलों में हो रही लगातार बारिश को लेकर सरकार ने सतर्कता बरतने का निर्णय लिया है। जम्मू म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन के कमिश्नर दिव्यांश यादव ने कई स्थानों पर क्लाउड बर्स्ट की घटनाओं और कुछ समय में ही 200 मिलीमीटर बारिश की चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह से तैयार है।
दिव्यांश यादव ने राष्ट्र प्रेस को बताया, "बिल्कुल कम समय में लगभग 200 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो चिंता का विषय है। कई क्षेत्रों से बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे व्यापक नुकसान हुआ है। हमने जनता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। जहां भी जल निकासी की आवश्यकता है, लोग हमारी टीम से संपर्क कर सकते हैं। जीएमसी (गवर्मेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल) की पूरी टीम, प्रशासन और एसडीआरएफ मिलकर लोगों की सहायता कर रही है।"
उन्होंने आगे कहा, "अगले 72 घंटों में असामान्य मौसम गतिविधियों की संभावना है। नालों में पहाड़ों के पत्थर बहकर आए हैं। हमारी टीमें सतर्क थीं, लेकिन अचानक पानी इतना बढ़ गया कि नालों में ओवरफ्लो हो गया। पहाड़ के नीचे के क्षेत्रों को अधिक नुकसान हुआ है।"
जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में लगातार हो रही बारिश और खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने अपनी सतर्कता बढ़ा दी है। संभावित भूस्खलन, सड़क अवरोधन और बाढ़ जैसी स्थितियों से निपटने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं और नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। साथ ही, लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया, "मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है, क्योंकि भारी बारिश के कारण जम्मू-कश्मीर के कई रिहायशी इलाकों में जलभराव जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है और नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। नियंत्रण कक्ष सक्रिय हैं और मुख्यमंत्री कार्यालय सभी विभागों के संपर्क में है। प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी और पानी व बिजली जैसी आवश्यक सेवाओं की बहाली को प्राथमिकता दी जा रही है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।