क्या जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों में वीपीएन सेवाएं दो महीने के लिए निलंबित हो गईं?
सारांश
Key Takeaways
- जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों में वीपीएन सेवाओं का निलंबन
- असामाजिक तत्वों द्वारा तकनीकी दुरुपयोग की आशंका
- आदेश का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई
- स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा प्राथमिकता
- वीपीएन ट्रैफिक और डेटा सुरक्षा के मुद्दे
जम्मू, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों में अधिकारियों ने असामाजिक तत्वों द्वारा गैरकानूनी गतिविधियों के लिए प्रौद्योगिकी के दुरुपयोग की आशंका व्यक्त की है। इस संदर्भ में प्रशासन ने वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) सेवाओं को दो महीने के लिए निलंबित करने का आदेश दिया है।
रविवार को पुंछ जम्मू संभाग का दूसरा सीमावर्ती जिला बन गया, जहां वीपीएन सेवाएं निलंबित की गईं। इससे पहले राजौरी में पिछले दो दिनों में इसी तरह का आदेश जारी किया गया था।
पुंछ के जिला मजिस्ट्रेट अशोक कुमार शर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत तत्काल प्रभाव से वीपीएन सेवाओं को निलंबित करने का आदेश दिया।
जिलाधिकारी की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में जिले के विभिन्न स्थानों पर संदिग्ध इंटरनेट उपयोगकर्ताओं द्वारा वीपीएन का अभूतपूर्व रूप से अत्यधिक उपयोग किया गया है।
आदेश में कहा गया है कि वीपीएन ट्रैफिक एन्क्रिप्टेड होता है। आईपी एड्रेस को छुपाता है, जिससे संवेदनशील डाटा साइबर हमलों के प्रति संवेदनशील हो जाता है। जिलाधिकारी ने कहा कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए असामाजिक तत्व भय का माहौल बनाने के लिए वीपीएन सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं।
आदेश में कहा गया है कि यह निर्देश जिले में कार्यरत सभी व्यक्तियों, संस्थानों, साइबर कैफे और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं पर लागू होगा और इसका उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने एसएसपी को आदेश का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
राजौरी में जिला मजिस्ट्रेट अभिषेक शर्मा ने शुक्रवार को जन सुरक्षा चिंताओं और गैरकानूनी गतिविधियों के लिए ऐसे प्लेटफॉर्म के संभावित दुरुपयोग का हवाला देते हुए सीमावर्ती जिले में सभी वीपीएन सेवाओं को तत्काल दो महीने के लिए निलंबित कर दिया।
राजौरी के एसएसपी गौरव सिकरवार ने नागरिक प्रशासन को भेजे अपने पत्र में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में वीपीएन सेवाओं के अभूतपूर्व और संदिग्ध उपयोग की ओर ध्यान दिलाया। राजौरी में डीएम के आदेश में दोहराया गया है कि बड़ी संख्या में संदिग्ध इंटरनेट उपयोगकर्ता आईपी एड्रेस को छिपाकर और एन्क्रिप्टेड डाटा प्रसारित करके वीपीएन का उपयोग कर रहे थे।