क्या जम्मू कश्मीर में चौथे तवी पुल की मरम्मत के लिए मुस्लिम समुदाय ने सेना का आभार जताया?

सारांश
Key Takeaways
- भारतीय सेना ने चौथे तवी पुल की मरम्मत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- स्थानीय मुस्लिम समुदाय ने सेना के प्रति आभार व्यक्त किया।
- सेना की तत्परता और समर्पण ने लोगों को राहत दी।
श्रीनगर, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू में चौथे तवी पुल की मरम्मत और पुनर्निर्माण के कार्य के लिए स्थानीय मुस्लिम समुदाय ने भारतीय सेना के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की है।
पुल के क्षति ग्रस्त होने के कारण लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन सेना की तत्परता और समर्पण से यह पुल बहुत कम समय में पुनः चालू कर दिया गया, जिससे स्थानीय नागरिकों में खुशी और गर्व की भावना जागृत हुई।
स्थानीय निवासी अल्ताफ ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "भारतीय सेना ने बहुत बड़ा कार्य किया है और उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया है। जब सरकारी अधिकारी असफल होते हैं, तो भारतीय सेना सबसे पहले आगे बढ़कर मदद करती है। सेना ने समय पर कदम उठाया और हमें बड़ी राहत प्रदान की। हम उनके प्रति दिल से आभार व्यक्त करते हैं।"
एक अन्य निवासी इम्तियाज अहमद ने कहा, "मैं इंडियन आर्मी को सलाम करता हूं। यह कार्य बहुत कठिन था, लेकिन सेना ने दिनभर मेहनत करके इसे संभव किया। जब भी कोई संकट आता है, इंडियन आर्मी सबसे पहले मदद के लिए आती है। आज भी यही हुआ।" उन्होंने मौके पर 'इंडियन आर्मी जिंदाबाद' के नारे भी लगाए।
स्थानीय नागरिक लियाकत अली ने कहा, "भारतीय सेना दुनिया की नंबर 1 सेना है, जो हमेशा लोगों की सहायता के लिए तत्पर रहती है। जिस पुल को मरम्मत की आवश्यकता थी, उसे सेना ने महज एक दिन में ठीक कर दिया। यदि सेना यह कार्य नहीं करती, तो हमें महीनों इंतजार करना पड़ता।"
लियाकत ने आगे कहा, "सेना ने हमेशा आपदा के समय में लोगों की सहायता की है। चाहे बाढ़ हो, भूस्खलन हो या अन्य संकट, भारतीय सेना तुरंत मौके पर पहुंचकर लोगों की जान बचाती है।"
स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक सुर में कहा कि सेना की तत्परता और सेवा भाव ही है जिसके कारण पुल का निर्माण इतनी तेजी से संभव हो पाया।