क्या जमशेदपुर में राजनीतिक कार्यकर्ता की हत्या का खुलासा हुआ? दो शूटर गिरफ्तार!

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क्या जमशेदपुर में राजनीतिक कार्यकर्ता की हत्या का खुलासा हुआ? दो शूटर गिरफ्तार!

सारांश

जमशेदपुर में राजनीतिक कार्यकर्ता तारापद महतो की हत्या के मामले में पुलिस ने दो शूटरों को गिरफ्तार किया है। यह हत्या जमीन विवाद के चलते की गई थी। जानें इस मामले के पीछे की सच्चाई और गिरफ्तार आरोपियों के बारे में।

Key Takeaways

  • जमशेदपुर में राजनीतिक कार्यकर्ता की हत्या हुई।
  • हत्या जमीन विवाद के कारण हुई।
  • पुलिस ने दो शूटरों को गिरफ्तार किया।
  • घटना में कई स्थानीय लोग मौजूद थे।
  • पुलिस ने अन्य आरोपियों की तलाश जारी रखी है।

जमशेदपुर, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के गालुडीह थाना क्षेत्र की खड़िया कॉलोनी में एक राजनीतिक कार्यकर्ता एवं कॉमन सर्विस सेंटर (प्रज्ञा केंद्र) संचालक तारापद महतो की हत्या के मामले में पुलिस ने दो शूटरों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास दुबे और अभिषेक कुमार उर्फ गोलू के रूप में हुई है।

पुलिस ने उनके पास से एक देसी कट्टा, वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और खून लगा चाकू बरामद किया है। पूर्वी सिंहभूम के ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग ने बुधवार को एक प्रेस वार्ता में बताया कि यह हत्या जमीन विवाद के कारण की गई थी। उन्होंने कहा कि हत्या की साजिश घाटशिला जेल में बंद आर्म्स एक्ट के आरोपी जितेंद्र दुबे ने रची थी।

जितेंद्र ने अपने भाई छोटू गोराई के माध्यम से शूटरों की व्यवस्था की। इसके बाद छोटू गोराई ने जगरनाथ गोराई को डेढ़ लाख रुपए में हत्या के लिए तैयार किया। उन्होंने बताया कि जगरनाथ गोराई ने आगे विकास दुबे और अभिषेक कुमार को 10-10 हजार रुपए का लालच देकर वारदात में शामिल किया। घटना वाले दिन सभी आरोपी बाइक से खड़िया कॉलोनी पहुंचे। जैसे ही तारापद महतो रात के समय अपना प्रज्ञा केंद्र बंद कर रहे थे, अभिषेक कुमार और जगरनाथ गोराई केंद्र के भीतर घुसे।

पहले अभिषेक ने चाकू से हमला कर महतो को गंभीर रूप से घायल किया, इसके बाद जगरनाथ ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी।

बता दें कि यह वारदात 13 जनवरी की रात खड़िया कॉलोनी बस स्टैंड के समीप स्थित प्रज्ञा केंद्र में हुई थी। तारापद महतो पुतरू गांव के निवासी थे और पिछले करीब दो वर्षों से उक्त केंद्र का संचालन कर रहे थे। वह उलदा पंचायत की उपमुखिया आशारानी महतो के पति थे।

घटना के समय केंद्र में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं और स्थानीय लोग मौजूद थे, जिससे इलाके में दहशत फैल गई थी। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर हत्या की पूरी साजिश का खुलासा हुआ है। अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

Point of View

बल्कि यह समाज में बढ़ती हिंसा और आपराधिक गतिविधियों की गंभीरता को भी दर्शाती है। हम सभी को चाहिए कि हम ऐसे मामलों की गहराई में जाएं और सही जानकारी प्राप्त करें।
NationPress
14/01/2026

Frequently Asked Questions

तारापद महतो की हत्या क्यों हुई?
तारापद महतो की हत्या जमीन विवाद के चलते हुई थी।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम क्या हैं?
गिरफ्तार आरोपियों के नाम विकास दुबे और अभिषेक कुमार उर्फ गोलू हैं।
क्या पुलिस ने हत्या की साजिश का खुलासा किया?
हाँ, पुलिस ने हत्या की साजिश का खुलासा करते हुए दो शूटरों को गिरफ्तार किया है।
क्या अन्य आरोपी भी फरार हैं?
हाँ, पुलिस अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
घटना के समय आसपास कौन मौजूद था?
घटना के समय केंद्र में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं और स्थानीय लोग मौजूद थे।
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