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जमशेदपुर में अवैध हथियारों के साथ दो गिरफ्तार, नाबालिग भी हिरासत में; ₹97 हज़ार में खरीदे थे पिस्टल

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जमशेदपुर में अवैध हथियारों के साथ दो गिरफ्तार, नाबालिग भी हिरासत में; ₹97 हज़ार में खरीदे थे पिस्टल

सारांश

जमशेदपुर के बर्मामाइंस इलाके में पुलिस की विशेष टीम ने दो देसी पिस्टल और जिंदा कारतूसों के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया और एक नाबालिग को हिरासत में लिया। आरोपियों ने हथियार ₹97 हज़ार में खरीदे थे — पुलिस अब पूरे सप्लाई नेटवर्क की जाँच कर रही है।

मुख्य बातें

जमशेदपुर के बर्मामाइंस थाना क्षेत्र में 20 अक्टूबर 2026 को पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया और एक नाबालिग को हिरासत में लिया।
बरामदगी में दो देसी पिस्टल , 7.65 एमएम के दो जिंदा कारतूस , एक अतिरिक्त मैगजीन, मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल शामिल।
आरोपियों ने हथियार कपाली निवासी मोहम्मद आबिद से ₹97 हज़ार में खरीदे थे।
डीएसपी संजीव कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की।
नाबालिग के खिलाफ किशोर न्याय कानून के तहत कार्रवाई होगी; हथियार नेटवर्क की जाँच जारी।

झारखंड के जमशेदपुर में पुलिस ने 20 अक्टूबर 2026 को अवैध हथियारों के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया और एक नाबालिग को हिरासत में लिया। बर्मामाइंस थाना क्षेत्र के कंटेनर यार्ड के पास की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने दो देसी पिस्टल, 7.65 एमएम के दो जिंदा कारतूस, एक अतिरिक्त मैगजीन, मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की।

कैसे हुई कार्रवाई

सिटी एसपी ललित मीणा के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि बर्मामाइंस थाना क्षेत्र के कंटेनर यार्ड के पास तीन युवक अवैध हथियार लेकर घूम रहे हैं और कथित तौर पर किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं।

सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपाधीक्षक संजीव कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई और बताए गए स्थान पर छापेमारी की गई। पुलिस के अनुसार, तीनों युवक पुलिस को देखकर भागने लगे, लेकिन टीम ने उन्हें मोटरसाइकिल समेत दबोच लिया।

हथियारों की बरामदगी और खरीद का खुलासा

तलाशी के दौरान तीनों के पास से दो देसी पिस्टल, 7.65 एमएम के दो जिंदा कारतूस, एक अतिरिक्त मैगजीन और मोबाइल फोन बरामद हुए। पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने ये हथियार कपाली निवासी मोहम्मद आबिद से ₹97 हज़ार में खरीदे थे।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार किस उद्देश्य से खरीदे गए थे और इस कारोबार से जुड़े नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। हथियारों के स्रोत और आरोपियों के आपसी संपर्कों की भी जाँच की जा रही है।

नाबालिग की संलिप्तता

तीन हिरासत में लिए गए व्यक्तियों में से एक नाबालिग है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि उसके खिलाफ किशोर न्याय कानून के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड के शहरी क्षेत्रों में किशोरों को अवैध हथियार तस्करी में शामिल करने के मामले चिंता का विषय बनते जा रहे हैं।

आगे की जाँच

पुलिस के अनुसार, मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। जाँच का फोकस हथियारों की खरीद-बिक्री के पूरे नेटवर्क को उजागर करने पर है — विशेष रूप से आपूर्तिकर्ता मोहम्मद आबिद की भूमिका और हथियारों के अंतिम इस्तेमाल का इरादा। गौरतलब है कि जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर में अवैध शस्त्रों की उपलब्धता कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती पेश करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ ₹97 हज़ार जैसी अपेक्षाकृत छोटी रकम में लोडेड पिस्टल खरीदी जा सकती है। चिंताजनक पहलू यह है कि इस कड़ी में एक नाबालिग भी शामिल है, जो बताता है कि हथियार तस्करी नेटवर्क अब युवाओं तक पहुँच बना रहे हैं। आपूर्तिकर्ता तक पहुँचना ज़रूरी है, वरना इस तरह की गिरफ्तारियाँ श्रृंखला की एक कड़ी तोड़ने से ज़्यादा कुछ नहीं होंगी।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जमशेदपुर में गिरफ्तार युवकों के पास से क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने दो देसी पिस्टल, 7.65 एमएम के दो जिंदा कारतूस, एक अतिरिक्त मैगजीन, मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की। ये सभी वस्तुएँ बर्मामाइंस थाना क्षेत्र के कंटेनर यार्ड के पास छापेमारी के दौरान मिलीं।
आरोपियों ने हथियार कहाँ से और कितने में खरीदे?
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने ये हथियार कपाली निवासी मोहम्मद आबिद से ₹97 हज़ार में खरीदे थे। पुलिस अब आबिद की भूमिका और पूरे हथियार सप्लाई नेटवर्क की जाँच कर रही है।
मामले में नाबालिग के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नाबालिग के खिलाफ किशोर न्याय कानून के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। उसे अन्य दो गिरफ्तार वयस्कों से अलग प्रक्रिया में रखा जाएगा।
पुलिस को इन युवकों की जानकारी कैसे मिली?
सिटी एसपी ललित मीणा के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि बर्मामाइंस थाना क्षेत्र में तीन युवक अवैध हथियारों के साथ किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। इसके बाद डीएसपी संजीव कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
अब आगे जाँच किस दिशा में होगी?
पुलिस हथियारों के स्रोत, उनके खरीद के पीछे के इरादे और इस कारोबार में शामिल अन्य लोगों की पहचान पर ध्यान केंद्रित कर रही है। आरोपियों के आपसी संपर्क और हथियार सप्लाई चेन की भी जाँच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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