क्या 'जयचंद' के आगे लालू परिवार असहाय है? : दिलीप जायसवाल
सारांश
Key Takeaways
- जयचंद के मुकाबले लालू परिवार कमजोर दिख रहा है।
- बिहार सरकार समृद्धि यात्रा पर निकली है।
- सुपौल के विकास के लिए महत्वपूर्ण सड़क परियोजना स्वीकृत।
- चिराग पासवान के नेतृत्व में बिहार को नया दिशा।
- राजनीतिक विवादों का असर बिहार की राजनीति पर।
पटना, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार सरकार में मंत्री दिलीप जायसवाल ने तेजस्वी यादव के जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेजप्रताप यादव द्वारा आयोजित दही-चूड़ा भोज में शामिल न होने पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जयचंद के आगे लालू परिवार असहाय नजर आ रहा है।
पटना में दिलीप जायसवाल ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह पूरी तरह से एक पारिवारिक मामला है, लेकिन जिस तरह से भाइयों और भाई-बहन के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है, उससे लगता है कि यह जल्द खत्म नहीं होगा। जयचंद काफी मजबूत नजर आ रहे हैं, और उनकी तुलना में लालू परिवार कमजोर और बेबस प्रतीत हो रहा है।
दिलीप जायसवाल ने कहा कि चिराग पासवान ने मकर संक्रांति के अवसर पर दही-चूड़ा की शानदार दावत रखी है। हमें हर जगह से समर्थन मिल रहा है। चिराग पासवान ने ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ का नारा दिया है, और एनडीए ने इसे अपने एजेंडे का हिस्सा बनाया है ताकि बिहार को सबसे आगे लाया जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि राज्य सबसे आगे रहे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी ‘समृद्धि यात्रा’ पर निकल रहे हैं। आपने देखा है कि प्रगति यात्रा के दौरान घोषित योजनाएं जमीन पर लागू की जा रही हैं। बिहार सबसे आगे आएगा, बिहार आगे बढ़ेगा, और एनडीए गन्ने के रस जैसी मिठास लाएगा। विपक्ष चीनी के दाने की तरह बिखर गया है।
दिलीप जायसवाल ने सुपौल का उल्लेख करते हुए कहा कि सुपौल के सर्वांगीण विकास और ग्रामीण-शहरी कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार प्रदेश के हर अंचल को आधुनिक सड़कों से जोड़ने के संकल्प के साथ निरंतर क्रियाशील है। इसी क्रम में मंत्रिपरिषद द्वारा सुपौल जिले के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण सड़क परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई है। हमारा मानना है कि सुदृढ़ सड़कें ही प्रगतिशील बिहार का सशक्त आधार हैं। सुपौल के विकास और जनता की सुख-सुविधाओं के प्रति हमारा यह प्रयास 'विकसित बिहार' की दिशा में एक और बड़ा कदम है। प्रगति का यह पहिया इसी संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।