क्या जीतू पटवारी ने सीएम मोहन यादव से विदेश दौरों और प्रशासनिक भ्रष्टाचार पर चर्चा के लिए समय मांगा?
सारांश
Key Takeaways
- जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर चर्चा का समय मांगा।
- पत्र में विदेशी दौरों और प्रशासनिक भ्रष्टाचार पर चर्चा का आग्रह है।
- दावोस का दौरा और उसके परिणामों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है।
- भ्रष्टाचार पर पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
- राज्य की योजनाओं का क्रियान्वयन महत्वपूर्ण है।
भोपाल 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के मध्य प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र भेजकर विदेशी दौरों के परिणाम, निवेशों की जानकारी और प्रशासनिक भ्रष्टाचार पर चर्चा के लिए समय मांगा है। पटवारी ने पत्र में उल्लेख किया कि वह विदेशी दौरों की उपलब्धियों और निवेश परिणामों पर गंभीर चर्चा करना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव हाल ही में दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में शामिल होकर लौटे हैं। पटवारी ने मुख्यमंत्री को इस दौरे के लिए बधाई देते हुए लिखा है कि उन्हें उम्मीद है कि मध्य प्रदेश के लिए निर्धारित निवेश और रोजगार के लक्ष्यों को ठोस परिणामों के साथ पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता के पैसों से हुए सरकारी दौरों का परिणाम आंकड़ों और क्रियान्वयन के माध्यम से होना चाहिए, ताकि जनता का विश्वास और निवेशकों में पारदर्शिता बनी रहे।
पटवारी ने मुख्य सचिव के एक हालिया बयान का जिक्र करते हुए लिखा कि प्रदेश के मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कहा कि मध्य प्रदेश में कोई कलेक्टर बिना पैसे लिए काम नहीं करता। यह बयान भ्रष्टाचार की शिकायत और राज्य के प्रशासनिक ढांचे में भ्रष्टाचार के संस्थागत प्रवेश का पुख्ता प्रमाण है।
उन्होंने कहा, "यदि कलेक्टर पैसे लेकर काम करेंगे, तो आम नागरिक की शिकायतें, सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन, अनुमतियां, भुगतान, ठेके, राहत कार्य, सब कुछ लेन-देन में फंस जाएगा।"
पटवारी ने आगे कहा, "मैं यह पत्र केवल आलोचना के लिए नहीं लिख रहा हूं। मैं चाहता हूं कि मध्य प्रदेश की व्यवस्था बेहतर हो, जनता को न्याय मिले और प्रशासन में पारदर्शिता स्थापित हो। इन विषयों पर चर्चा करना चाहता हूं ताकि भ्रष्टाचार और कमीशन की महामारी को रोकने के लिए सुझाव साझा कर सकूं।"