क्या सांसद दुष्यंत सिंह की जनसंवाद पदयात्रा ने क्षेत्र में नई उम्मीद जगाई?
सारांश
Key Takeaways
- सांसद दुष्यंत सिंह ने जनसंवाद पदयात्रा की शुरुआत की है।
- वसुंधरा राजे ने यात्रा को हरी झंडी दिखाई।
- यात्रा का उद्देश्य क्षेत्र के लोगों से संवाद करना है।
- जनता की समस्याओं और सुझावों को सुनना मुख्य लक्ष्य है।
- यह यात्रा क्षेत्र के विकास और उन्नति की दिशा में एक कदम है।
झालावाड़, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। झालावाड़-बारां से सांसद दुष्यंत सिंह ने एक नई जनसंवाद पदयात्रा की शुरुआत की है। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने झालावाड़ जिले के उन्हेल नागेश्वर में सांसद दुष्यंत सिंह की जनसंवाद यात्रा में पहुंचकर झंडी दिखाकर इस यात्रा को रवाना किया।
सांसद दुष्यंत सिंह ने बताया कि इस जनसंवाद पदयात्रा के अंतर्गत क्षेत्र की जनता से सीधे संवाद किया जाएगा, जिसमें सुझाव, समस्याएं और विकास की आवश्यकताएं शामिल होंगी। यह यात्रा उन्हेल नागेश्वर मंदिर से प्रारंभ होकर धर्मपुरी, कुमठिया, रामगढ़, चायरा, मगसी जैसे कई स्थानों पर पहुंचेगी, जहां स्थानीय समुदाय द्वारा स्वागत एवं जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित होंगे। सभी क्षेत्रवासियों से निवेदन है कि वे इस यात्रा में शामिल होकर अपने क्षेत्र की आवाज को और सशक्त बनाएं।
कार्यक्रम में वसुंधरा राजे ने कहा, "मैं हमेशा दुआओं के साथ चलती रही हूं, और मेरे पांव के छाले कभी मेरी राहें नहीं रोक पाए।" उन्होंने आगे कहा कि जब आप पैदल चलेंगे तो बड़े-बड़े छाले होंगे, लेकिन आपको उन्हें पार करना होगा।
राजे ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह पदयात्रा क्षेत्र की उन्नति और विकास की यात्रा है। उन्होंने कहा कि अधिकांश नेता चुनाव के समय आते हैं और जीतकर चले जाते हैं, लेकिन हम अपने क्षेत्र को परिवार मानते हैं। हम अपने मतदाताओं को भाग्य निर्माता मानते हैं।
उन्होंने कहा कि यह यात्रा किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं है, बल्कि यह अपने लोगों के लिए और उनके द्वारा की गई यात्रा है। इसका मुख्य उद्देश्य है कि हर नागरिक का सम्मान हो, हर समस्या का समाधान हो।
राजे ने कहा, "यह यात्रा आपके खेतों की मिट्टी, आपके बच्चों की मुस्कान और आपकी मेहनत को अपनाने के लिए है।"