आदित्य साहू: झारखंड का बजट दिशाहीन और विकास रहित
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रांची, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने झारखंड विधानसभा में वित्त वर्ष २०२६-२७ के लिए प्रस्तुत राज्य बजट को दिशाहीन बताया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद आदित्य साहू ने मंगलवार को प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि १.५८ लाख करोड़ रुपए का बजट प्रस्ताव केवल 'गोलमटोल आंकड़ों का प्रस्तुतीकरण' है, जिसमें राज्य के समग्र विकास का कोई स्पष्ट विजन नहीं दिखाई देता।
आदित्य साहू ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार पिछले बजट की लगभग ५० प्रतिशत राशि ही खर्च कर सकी है, ऐसे में नए बजट प्रावधानों की सार्थकता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि कृषि, भवन निर्माण, स्वास्थ्य, पेयजल, खाद्य सुरक्षा, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तथा उद्योग जैसे प्रमुख क्षेत्रों में बजट व्यय अपेक्षाकृत कम रहा है। आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्गों के लिए निर्धारित बजट का भी सीमित उपयोग हुआ है, जो बेहद चिंता का विषय है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि सरकार केंद्र के १.३६ लाख करोड़ रुपए के कथित बकाये का मुद्दा बार-बार उठाती है, लेकिन अब तक विस्तृत मदवार ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार झारखंड को पर्याप्त वित्तीय सहायता दे रही है और यदि राज्य सरकार स्पष्ट विवरण प्रस्तुत करे तो भाजपा सहयोग के लिए तैयार है।
साहू ने कहा कि बाल बजट और जेंडर बजट की बात तो की गई है, लेकिन लापता बच्चों, थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों, महिलाओं की सुरक्षा और किसानों को धान की घोषित दर पर भुगतान जैसे मुद्दों पर कोई ठोस प्रावधान नहीं दिखाई देता। गैस सिलेंडर ४०० रुपए में उपलब्ध कराने की घोषणा का भी बजट में उल्लेख नहीं किया गया है।
उन्होंने डीएमएफटी और सीएसआर फंड के उपयोग पर भी सवाल उठाते हुए पारदर्शिता की मांग की। केंद्र सरकार की ओर से राज्य को मिलने वाली मदद का जिक्र करते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि २०२६-२७ में राज्य को ५१,२३६ करोड़ रुपए टैक्स के मद में मिलेंगे। केंद्र सरकार ने झारखंड में २.०२ करोड़ लोगों के जनधन खाते खोले, पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना में ८८.४ लाख, पीएम सुरक्षा बीमा योजना में १.६ करोड़ लोग जोड़े गए। मुद्रा योजना में ८९ हजार करोड़ रुपए वितरित हुए, अटल पेंशन योजना में २५.६ लाख लोग जुड़े हैं, जबकि किसान सम्मान निधि में १८.८ लाख किसान लाभान्वित हो रहे हैं। गरीब कल्याण अन्न योजना से २ करोड़ ६४ लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं। इसके बावजूद बजट भाषण में केंद्र से कम सहायता की बात कहना सरासर गलतबयानी है।