14 जुलाई 2026
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क्या झारखंड सीआईडी ने इंटरनेट पर बच्चों के अश्लील वीडियो बेचने वाले नेटवर्क का खुलासा किया है?

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क्या झारखंड सीआईडी ने इंटरनेट पर बच्चों के अश्लील वीडियो बेचने वाले नेटवर्क का खुलासा किया है?

सारांश

झारखंड पुलिस ने एक ऐसे बड़े साइबर नेटवर्क का पर्दाफाश किया है जो बच्चों के अश्लील वीडियो बेचने का काम कर रहा था। इस नेटवर्क की गिरफ्तारी में दो लोगों को पकड़ा गया है और जांच जारी है। यह नेटवर्क भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी सक्रिय था। बच्चों की सुरक्षा का मामला गंभीर है।

मुख्य बातें

सीआईडी ने बच्चों के अश्लील वीडियो बेचने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़ किया।
दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
यह नेटवर्क भारत के बाहर भी सक्रिय था।
बच्चों की सुरक्षा का मामला अत्यंत गंभीर है।
जांच जारी है, और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

रांची, 19 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड पुलिस की सीआईडी ने इंटरनेट और डिजिटल माध्यमों के जरिए बच्चों के ‘पोर्न वीडियो’ बेचने वाले एक बड़े साइबर नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।

साइबर क्राइम ब्रांच ने भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई 4 सी) के सहयोग से यह अभियान चलाया और बोकारो से दो आरोपियों अंकित कुमार और विवेक कुमार को गिरफ्तार किया। सीआईडी ने बताया कि जांच के दौरान एक वेबसाइट और उससे जुड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म का पता चला, जिसका दुरुपयोग कर बच्चों से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित की जा रही थी।

यह नेटवर्क एक डिजिटल मार्केटप्लेस की तरह काम कर रहा था और टेलीग्राम चैनलों व क्लाउड स्टोरेज के जरिए संगठित रूप से सामग्री फैलाने का काम करता था। छापेमारी में आरोपियों के डिजिटल उपकरणों से बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई है।

जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया व चैट एप के जरिए ऐसे वीडियो क्लिप साझा कर ग्राहकों को फुसलाते थे। भुगतान मिलने पर उन्हें पूरी फाइल मुहैया कराई जाती थी। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे लोग 499 से लेकर 1699 तक में एक वीडियो बेचते थे। सीआईडी के साइबर क्राइम ब्रांच का मानना है कि यह नेटवर्क काफी बड़े और संगठित तरीके से यह धंधे चला रहा था। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई कि यह नेटवर्क केवल भारत तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके लिंक विदेशों तक फैले हुए थे। सीआईडी ने बताया कि नेटवर्क के ग्राहक ओमान, बांग्लादेश और यूएई जैसे देशों में भी थे।

अधिकारियों ने कहा कि यह मामला बच्चों की सुरक्षा से सीधे जुड़ा है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

दरअसल यह मामला राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर एक महिला द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत की जांच के दौरान पकड़ में आया। झारखंड से प्राप्त एक शिकायत में पीड़िता ने बताया था कि उसकी अश्लील तस्वीरें और वीडियो उसकी सहमति के बिना वेबसाइट पर अपलोड की गई हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह साइबर नेटवर्क किस प्रकार काम कर रहा था?
यह नेटवर्क डिजिटल प्लेटफॉर्म और टेलीग्राम चैनलों के माध्यम से बच्चों के अश्लील वीडियो बेच रहा था।
क्या अन्य देश भी इस नेटवर्क के ग्राहकों में शामिल थे?
हाँ, इस नेटवर्क के ग्राहक ओमान, बांग्लादेश और यूएई जैसे देशों में भी थे।
क्या इस मामले में और गिरफ्तारियाँ होंगी?
हाँ, सीआईडी अन्य लोगों की तलाश कर रही है जो इस नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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