झारखंड में सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों का आधुनिक स्वरूप, विशेषज्ञ समिति का गठन

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झारखंड में सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों का आधुनिक स्वरूप, विशेषज्ञ समिति का गठन

सारांश

झारखंड सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के ढांचे को बेहतर बनाने के लिए एक नई समिति का गठन किया है। यह पहल मरीजों के इलाज की प्रक्रिया को सुगम बनाएगी।

Key Takeaways

  • झारखंड में अस्पतालों के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन हुआ है।
  • समिति अस्पतालों के डिजाइन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाएगी।
  • अस्पतालों में मरीजों की आवाजाही को सुगम बनाने पर ध्यान दिया जाएगा।
  • नई दिशा-निर्देशों के तहत इमरजेंसी और आईसीयू को निकटता से रखना आवश्यक होगा।
  • सरकार का मानना है कि इससे स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी।

रांची, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों की संरचना को आधुनिक और बेहतर बनाने के लिए नई पहल की है। इस उद्देश्य से अस्पतालों के डिजाइन और योजना में सुधार के लिए एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है।

स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अनुसार, हाल के निरीक्षण में यह सामने आया कि कई अस्पतालों का मौजूदा डिजाइन इलाज और संचालन के लिए उपयुक्त नहीं है। विशेषकर आईसीयू, ऑपरेशन थियेटर, इमरजेंसी और रेडियोलॉजी जैसे विभागों की स्थिति इस प्रकार से नहीं है कि मरीजों को कोई परेशानी न हो। इसीलिए अब अस्पतालों का डिजाइन वैज्ञानिक दृष्टिकोण से तैयार किया जाएगा। इसमें मरीजों और स्टाफ की आवाजाही (पेशेंट फ्लो और वर्क फ्लो) को सुगम बनाने पर जोर दिया जाएगा, ताकि इलाज में देरी और अनावश्यक भागदौड़ कम हो सके।

विशेषज्ञ समिति में रिम्स, रांची के वरिष्ठ चिकित्सकों को शामिल किया गया है, जिनमें डॉ. हेमंत नारायण (कार्डियोलॉजी), डॉ. प्रदीप कुमार भट्टाचार्य (क्रिटिकल केयर), डॉ. अजीत कुमार डुंगडुंग (मेडिसिन), डॉ. अनिल कुमार कमल (सर्जरी), डॉ. अंशु जमैयार (पैथोलॉजी), डॉ. अनीश कुमार चौधरी (रेडियोलॉजी) और सदर अस्पताल के डॉ. गुंजेश कुमार सिंह शामिल हैं।

यह समिति निर्माणाधीन और चालू परियोजनाओं के डिजाइन की समीक्षा करेगी और आवश्यकतानुसार परिवर्तन सुझाएगी। नए दिशा-निर्देशों के तहत इमरजेंसी, आईसीयू और ऑपरेशन थियेटर जैसे संबंधित विभागों को निकटता से या एक ही मंजिल पर स्थित करना अनिवार्य होगा।

इसके अतिरिक्त, ट्रॉमा और इमरजेंसी यूनिट को ग्राउंड फ्लोर पर मुख्य गेट के पास रखने और एम्बुलेंस के लिए एक अलग मार्ग बनाने पर भी ध्यान दिया जाएगा। मरीजों, स्टाफ और सामग्रियों के लिए अलग-अलग लिफ्ट और मार्गों की व्यवस्था की जाएगी, ताकि संक्रमण का जोखिम कम हो सके।

समिति मेडिकल कॉलेजों के शैक्षणिक भवन, हॉस्टल और अन्य सुविधाओं के निर्माण पर भी अपनी सलाह प्रदान करेगी। अब निर्माण एजेंसियों को अपने प्रोजेक्ट का पूरा प्लान इस समिति के समक्ष प्रस्तुत करना होगा, और उसकी मंजूरी के पश्चात ही डिजाइन को अंतिम रूप दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे अस्पतालों में इलाज की सुविधाएं और बेहतर होंगी।

Point of View

जिससे मरीजों की सुविधा में सुधार होगा।
NationPress
22/04/2026

Frequently Asked Questions

झारखंड सरकार ने अस्पतालों के लिए कौन सी नई पहल की है?
झारखंड सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के ढांचे को बेहतर और आधुनिक बनाने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है।
विशेषज्ञ समिति में कौन-कौन शामिल हैं?
समिति में रिम्स, रांची के वरिष्ठ चिकित्सक शामिल हैं, जैसे डॉ. हेमंत नारायण, डॉ. प्रदीप कुमार भट्टाचार्य, और अन्य।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य अस्पतालों के डिजाइन और प्लानिंग में सुधार करना है, ताकि मरीजों की सुविधाएं बेहतर हों।
क्या नई दिशा-निर्देशों में कोई विशेष परिवर्तन होगा?
हाँ, नए दिशा-निर्देशों के तहत इमरजेंसी, आईसीयू और ऑपरेशन थियेटर को निकटता से या एक ही मंजिल पर रखना अनिवार्य होगा।
क्या इस समिति का निर्माणाधीन परियोजनाओं पर असर होगा?
जी हाँ, समिति निर्माणाधीन और चालू परियोजनाओं के डिजाइन की समीक्षा करेगी और आवश्यकतानुसार परिवर्तन सुझाएगी।
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