क्या झारखंड में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में मेयर और अध्यक्ष पद के प्रत्याशी चुनाव प्रचार पर 25 लाख रुपये खर्च कर सकेंगे?

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क्या झारखंड में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में मेयर और अध्यक्ष पद के प्रत्याशी चुनाव प्रचार पर 25 लाख रुपये खर्च कर सकेंगे?

सारांश

झारखंड में 23 फरवरी को होने वाले नगर निकाय चुनाव में 43 लाख से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। जानें इस चुनाव की प्रमुख जानकारियाँ।

Key Takeaways

  • नगर निकाय चुनाव 23 फरवरी को होंगे।
  • मोटे तौर पर 43 लाख मतदाता भाग लेंगे।
  • महापौर और अध्यक्ष पद के लिए खर्च की सीमा 25 लाख रुपये है।
  • नगर परिषदों के लिए खर्च की सीमा 10 लाख रुपये है।
  • मतदान केंद्रों की संख्या 4,304 है।

रांची, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड में 48 शहरी स्थानीय निकायों के लिए 23 फरवरी को होने वाले नगर निकाय चुनाव में कुल 43 लाख 33 हजार 574 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, इनमें 22 लाख 7 हजार 203 पुरुष, 21 लाख 26 हजार 227 महिलाएं और 144 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। ये मतदाता राज्य में 9 नगर निगमों में मेयर, 20 नगर परिषदों और 19 नगर पंचायतों में अध्यक्ष के अलावा कुल 1087 वार्ड पार्षदों के लिए वोट करेंगे।

मंगलवार को राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही शहरी क्षेत्रों में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। झारखंड राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने बताया कि इस निर्वाचन के लिए राज्यभर में कुल 4,304 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। ये मतदान केंद्र 2,129 भवनों में स्थित होंगे।

उल्लेखनीय है कि झारखंड में नगर निकाय चुनाव वर्ष 2020 से लंबित थे। उस समय कोरोना महामारी के कारण सरकार ने चुनाव स्थगित कर दिए थे, जिसके बाद विभिन्न कानूनी और प्रक्रियात्मक कारणों से चुनाव लगातार टलते रहे। राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर निकाय चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चुनावी खर्च की सीमा भी तय कर दी है।

आयोग के मुताबिक, जिन नगर निगमों की जनसंख्या 2011 की जनगणना के अनुसार 10 लाख या उससे अधिक है, वहां महापौर या अध्यक्ष पद के उम्मीदवार अधिकतम 25 लाख रुपये तक खर्च कर सकेंगे, जबकि वार्ड पार्षदों के लिए यह सीमा पांच लाख रुपये निर्धारित की गई है। वहीं, जिन नगर निगमों की आबादी 10 लाख से कम है, वहां महापौर/अध्यक्ष के लिए 15 लाख रुपये और वार्ड पार्षदों के लिए 3 लाख रुपये खर्च की सीमा तय की गई है।

नगर परिषदों की बात करें तो जिन परिषदों की जनसंख्या एक लाख या उससे अधिक है, वहां महापौर या अध्यक्ष अधिकतम 10 लाख रुपये और वार्ड पार्षद 2 लाख रुपये तक खर्च कर सकेंगे। एक लाख से कम आबादी वाले नगर परिषद क्षेत्रों में यह सीमा क्रमशः 6 लाख रुपये और डेढ़ लाख रुपये तय की गई है। इसके अलावा, 12 हजार या उससे अधिक और 40 हजार से कम आबादी वाली नगर पंचायतों में महापौर या अध्यक्ष के लिए 5 लाख रुपये और वार्ड पार्षद के लिए 1 लाख रुपये की खर्च सीमा निर्धारित की गई है।

Point of View

बल्कि यह स्थानीय मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित करेगा। यह चुनावी प्रक्रिया लोकतंत्र की मजबूती को दर्शाती है और हमें अपने मताधिकार का उपयोग करना चाहिए।
NationPress
09/02/2026

Frequently Asked Questions

झारखंड में नगर निकाय चुनाव कब होंगे?
झारखंड में नगर निकाय चुनाव 23 फरवरी को होने वाले हैं।
कितने मतदाता इस चुनाव में भाग लेंगे?
इस चुनाव में कुल 43 लाख 33 हजार 574 मतदाता भाग लेंगे।
महापौर और अध्यक्ष पद के प्रत्याशी कितना खर्च कर सकते हैं?
महापौर और अध्यक्ष पद के प्रत्याशी 25 लाख रुपये तक खर्च कर सकते हैं।
वार्ड पार्षदों के लिए खर्च की सीमा क्या है?
वार्ड पार्षदों के लिए खर्च की सीमा 5 लाख रुपये है।
मतदान केंद्रों की संख्या कितनी है?
राज्यभर में कुल 4,304 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
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