क्या झारखंड की पीएम-एफएमई योजना सौरभ को मसाला ब्रांड बनाने में मदद कर रही है?
सारांश
Key Takeaways
- पीएम एफएमई योजना छोटे उद्यमियों के लिए सहायक है।
- शुद्ध मसालों की आवश्यकता को पहचानना महत्वपूर्ण है।
- स्थानीय उत्पादों का उपयोग करने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।
- एक मजबूत इरादे से सफलता संभव है।
- इस तरह के उद्यम युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन सकते हैं।
हजारीबाग, 6 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए 'आत्मनिर्भर भारत' और 'लोकल फॉर वोकल' के मंत्र ने लाखों युवाओं के जीवन को नए आयाम दिए हैं। सरकारी योजनाओं का सही उपयोग कर लोग न केवल अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रहे हैं, बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार के अवसर प्रदान कर रहे हैं। झारखंड के हजारीबाग के सौरभ कुमार भी ऐसे ही एक उद्यमी हैं।
सौरभ की कहानी यह साबित करती है कि यदि इरादा मजबूत हो और सरकारी योजनाओं का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो सफलता प्राप्त करना संभव है।
हजारीबाग के सौरभ ने पीएम एफएमई योजना का लाभ उठाया, जो छोटे खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को आर्थिक और तकनीकी सहायता प्रदान करती है। उद्योग विभाग की सलाह पर उन्होंने योजना में आवेदन किया और मंजूरी मिलने के बाद हजारीबाग के इंद्रपुरी चौक में अपना मसाला प्रसंस्करण प्लांट स्थापित किया और 'अपना जायका' नामक मसाला ब्रांड लॉन्च किया।
सौरभ का कहना है कि मसाले के व्यवसाय का चयन करने के पीछे एक उद्देश्य था। उन्होंने देखा कि बाजार में मिलावटी मसालों की प्रचुरता है, इसलिए उन्होंने स्थानीय लोगों को शुद्ध और स्वच्छ मसाले उपलब्ध कराने की ठान ली। आज उनका मसाला ब्रांड हजारीबाग में एक पहचान बना चुका है।
सौरभ ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि वह 'अपना जायका' नाम से मसाला ब्रांड का संचालन करते हैं। उनका उद्देश्य है कि वह लोगों के घरों तक शुद्ध मसाले पहुंचाएं। हम मसालों को स्वच्छ तरीके से बनाते हैं। मसालों की सफाई के बाद उन्हें भूनते हैं और फिर पिसाई करते हैं।
उन्होंने कहा कि मैंने पीएम एफएमई योजना के तहत लोन लिया और अपने कारोबार को आगे बढ़ाया है। अब मेरा जीवन अच्छी तरह चल रहा है और इस कारोबार के माध्यम से करीब दस लोगों को रोजगार मिला है। भविष्य में पूरे प्रदेश में कारोबार का विस्तार करने की योजना है ताकि और लोगों को रोजगार मिल सके।
स्थानीय निवासी सानू राज मेहता ने कहा कि मेरा अनुरोध है कि लोग इस उत्पाद का उपयोग करें और स्थानीय कारोबार को बढ़ावा दें। पीएम मोदी भी 'लोकल फॉर वोकल' पर जोर देते हैं।