क्या आदित्य साहू झारखंड प्रदेश भाजपा के नए अध्यक्ष बनेंगे?
सारांश
Key Takeaways
- आदित्य साहू का नामांकन झारखंड भाजपा अध्यक्ष के लिए हुआ।
- निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा 14 जनवरी को होगी।
- सामाजिक समीकरणों के लिए उनकी नियुक्ति महत्वपूर्ण है।
- पार्टी ने जुएल उरांव को चुनाव अधिकारी नियुक्त किया है।
- 14 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व भी है।
रांची, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आदित्य साहू झारखंड प्रदेश भाजपा के नए अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालेंगे। उन्होंने मंगलवार को चुनाव अधिकारी सह केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव के समक्ष प्रदेश भाजपा कार्यालय में नामांकन प्रस्तुत किया। इस पद के लिए किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन नहीं किया है। उनके निर्विरोध निर्वाचन की औपचारिक घोषणा 14 जनवरी को की जाएगी।
आदित्य साहू पहले से ही भाजपा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। वे झारखंड से राज्यसभा के सांसद भी हैं। उनके नामांकन के समय पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, सांसद विद्युत वरण महतो और भाजपा के कई अन्य नेता उपस्थित थे।
पार्टी ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के चुनाव के लिए जुएल उरांव को चुनाव अधिकारी नियुक्त किया है। पिछले दो दशकों से भी अधिक समय से पार्टी से जुड़े आदित्य साहू ने पूर्व में झारखंड प्रदेश भाजपा में उपाध्यक्ष, महामंत्री सहित कई महत्वपूर्ण पदों का दायित्व निभाया है।
61 वर्षीय आदित्य साहू शिक्षण क्षेत्र से जुड़े रहे हैं और 2019 तक राम टहल चौधरी कॉलेज में व्याख्याता के रूप में कार्यरत रहे। उन्हें जुलाई 2022 में झारखंड से राज्यसभा के लिए चुना गया था। सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों के दृष्टिकोण से आदित्य साहू की नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वह वैश्य समुदाय से आते हैं और इस समुदाय के बीच भाजपा की मजबूत पैठ रही है।
प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा के लिए 14 जनवरी की तिथि का विशेष महत्व है। इस दिन खरमास की समाप्ति और मकर संक्रांति का पर्व है, जिसे हिंदू परंपरा में शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। पार्टी इसे नए संगठनात्मक अध्याय की शुभ शुरुआत के रूप में देख रही है।