झारखंड में ट्रेजरी घोटाले का खुलासा: प्रतुल शाह देव के बड़े आरोप
सारांश
Key Takeaways
- ट्रेजरी घोटाला झारखंड में सबसे बड़ा वित्तीय घोटाला हो सकता है।
- प्रतुल शाह देव ने सरकारी खजाने की लूट का आरोप लगाया।
- पुलिसकर्मियों के नाम पर धन की फर्जी निकासी की गई।
- बड़े पैमाने पर पेपर लीक की घटनाएं भी हो रही हैं।
- जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
रांची, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने झारखंड में एक गंभीर ट्रेजरी घोटाले के संबंध में राज्य सरकार पर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि राज्य के सरकारी खजाने की भारी लूट से जुड़ा यह घोटाला अब तक का सबसे बड़ा घोटाला हो सकता है।
प्रतुल शाह देव ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा, "प्रारंभिक जांच में पता चला है कि फर्जी टीए (ट्रैवल अलाउंस), डीए (डियरनेस अलाउंस) और फर्जी वेतन के माध्यम से सरकारी धन की नकली निकासी की गई है।"
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों के नाम पर डीडीओ (ड्रॉइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर) द्वारा यह राशि निकाली गई, और यह घोटाला कई सौ करोड़ रुपए तक का हो सकता है। प्रारंभिक जांच में, यह आंकड़ा ३० से ३५ करोड़ रुपए के बीच अनुमानित किया गया है।
भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा कि इस मामले में कई जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यह एक बहुत बड़ा और व्यापक घोटाला है, जिसमें कई खातों से पैसे निकालकर अन्य राज्यों में भेजे जाने की संभावना भी है। उनके अनुसार, जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है और कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
प्रतुल शाह देव ने राज्य में पेपर लीक मामलों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि झारखंड में बार-बार पेपर लीक की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन सरकार इसे मानने से बच रही है। युवाओं के साथ धोखा
उन्होंने कहा कि हाल ही में एक परीक्षा के दौरान १६० अभ्यर्थियों को एक सुनसान क्षेत्र में स्थित निर्माणाधीन भवन से पकड़ा गया, जिसके बाद प्रशासन ने पेपर लीक की बात से इनकार कर दिया।
भाजपा प्रवक्ता ने झारखंड पुलिस की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिना विस्तृत जांच के कुछ घंटों में यह निष्कर्ष निकाल लेना कि पेपर लीक नहीं हुआ, सही नहीं है। उन्होंने व्यंग्यात्मक रूप से कहा कि राज्य की पुलिस जांच के मामले में अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से भी आगे निकल रही है, जो एक गंभीर बात है।