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क्या जिला मुख्यालयों की नगर पालिकाओं में गौरव पथ, स्मार्ट क्लासरूम, ईवी स्टेशन व डिजिटल सेवाएं विकसित होंगी?

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क्या जिला मुख्यालयों की नगर पालिकाओं में गौरव पथ, स्मार्ट क्लासरूम, ईवी स्टेशन व डिजिटल सेवाएं विकसित होंगी?

सारांश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला मुख्यालयों वाली नगर पालिकाओं को स्मार्ट और विकसित रूप में विकसित करने की योजना का प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं। यह योजना नागरिकों के लिए आधुनिक और आत्मनिर्भर सेवाएं प्रदान करने का उद्देश्य रखती है।

मुख्य बातें

स्मार्ट नगर पालिकाएं विकसित करने का उद्देश्य आधुनिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के उपाय वित्तीय संसाधनों का बेहतर उपयोग नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध होंगी

लखनऊ, 22 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला मुख्यालयों वाली नगर पालिकाओं को स्मार्ट और विकसित नगर पालिका के रूप में आगे बढ़ाने की योजना का कार्यान्वयन शुरू करने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को आयोजित नगर विकास विभाग की समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने कहा कि स्मार्ट-विकसित नगर पालिका योजना का मुख्य उद्देश्य जिला मुख्यालयों की नगर पालिकाओं को आधुनिक, आत्मनिर्भर और नागरिक-केंद्रित स्वरूप में विकसित करना है।

उन्होंने निर्देश दिया कि इस पर यथाशीघ्र कार्य प्रारंभ किया जाए। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत नगर पालिकाओं में गौरव पथ, पिंक टॉयलेट, शहरी सुविधा केंद्र, स्मार्ट क्लासरूम और आंगनबाड़ी, थीम आधारित पार्क, ऐतिहासिक धरोहर संरक्षण, जलाशयों का पुनर्जीवन, ईवी चार्जिंग स्टेशन, ग्रीन क्रेमेटोरियम और डिजिटल सेवाएं जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही, स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए उत्सव भवन, सामुदायिक केंद्र और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ आधारित ढांचे भी स्थापित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना को हब-एंड-स्पोक मॉडल पर लागू किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, लखनऊ और गोरखपुर स्थित एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर से समीपवर्ती जिला मुख्यालयों की नगर पालिकाओं को जोड़ा जा सकता है। इससे नगर पालिकाओं को सुरक्षा, निगरानी और शिकायत निवारण जैसी सेवाओं में आधुनिकता प्राप्त होगी तथा संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक नगर पालिका में परियोजनाओं का चयन स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर किया जाए और वित्तीय संसाधनों का आवंटन नगर निकायों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति के अनुसार किया जाए।

अधिकारियों ने बताया कि नगर निकायों को 4 करोड़ से 10 करोड़ रुपए तक का अनुदान प्रदान किए जाने का प्रस्ताव है, जो उनकी जनसंख्या और कार्यदक्षता पर आधारित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला मुख्यालयों की नगर पालिकाओं को विकसित-स्मार्ट स्वरूप देने से न केवल आधारभूत संरचना मजबूत होगी, बल्कि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी सेवाएं भी प्राप्त होंगी।

बैठक में लखनऊ और कानपुर में 200 इलेक्ट्रिक बसों को नेट कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट मोड पर संचालित करने तथा अन्य नगरों में 650 बसों की प्रत्यक्ष खरीद का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया।

इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए और इसके लिए आवश्यक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी शीघ्र तैयार किया जाए। एक अन्य महत्वपूर्ण निर्देश में मुख्यमंत्री ने सभी नगर निगमों में निवासियों के विविध कर बकाए में विसंगतियों के तत्काल समाधान पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में अभियान चलाकर लोगों से आपत्तियां आमंत्रित की जाएं और समाधान शिविर लगाकर नागरिकों की समस्याओं का यथोचित व संतोषजनक समाधान कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी नगर निकायों के पास अपना भवन होना चाहिए। बैठक में नगर निकायों की वित्तीय स्वीकृति सीमाओं को बढ़ाने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।

अधिकारियों ने बताया कि बीते लगभग 20 वर्षों से इन सीमाओं में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 74वें संविधान संशोधन की भावना के अनुरूप नगर निकायों को अधिक वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार मिलने चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि नगर आयुक्त, महापौर, कार्यकारिणी समिति तथा नगर निगम बोर्ड की वित्तीय स्वीकृति सीमाओं का तत्काल विस्तार किया जाए।

मुख्यमंत्री ने लखनऊ में शहीद चंद्रशेखर आजाद अंतरराष्ट्रीय शूटिंग रेंज एवं बहुउद्देश्यीय खेल परिसर की स्थापना के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं को पीपीपी मोड पर प्राथमिकता के साथ प्रारंभ किया जाए, जिससे प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिले और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हों।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि नागरिकों को बेहतर सेवाएं भी मिलेंगी। यह पहल सरकारी योजनाओं की प्रभावशीलता को दर्शाती है और नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती है।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य जिला मुख्यालयों की नगर पालिकाओं को आधुनिक, आत्मनिर्भर और नागरिक-केंद्रित स्वरूप में विकसित करना है।
इस योजना में किस प्रकार की सुविधाएं शामिल होंगी?
इस योजना में गौरव पथ, स्मार्ट क्लासरूम, ईवी चार्जिंग स्टेशन, और डिजिटल सेवाएं शामिल होंगी।
क्या इस योजना से स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ होगा?
हाँ, इस योजना से स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए उत्सव भवन, सामुदायिक केंद्र आदि स्थापित किए जाएंगे।
क्या नगर पालिकाओं को अनुदान मिलेगा?
हाँ, नगर निकायों को 4 करोड़ से 10 करोड़ रुपए तक का अनुदान उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है।
इस योजना के अंतर्गत अन्य क्या योजनाएं शामिल हैं?
इस योजना में पिंक टॉयलेट, शहरी सुविधा केंद्र, थीम आधारित पार्क और जलाशयों का पुनर्जीवन जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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