किश्तवाड़ में एसपीओ बशीर अहमद की हत्या: पुलिस ने दो संदिग्ध गिरफ्तार किए, हथियार बरामद
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में स्पेशल पुलिस ऑफिसर (एसपीओ) बशीर अहमद की कथित हत्या के मामले में पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। 16 अक्टूबर 2026 को त्रिगाम जंगल के सेरान वानी इलाके में एक नाले के पास गड्ढे में दबा हुआ शव बरामद होने के बाद यह कार्रवाई हुई। जांच में अपराध में इस्तेमाल हथियार और मृतक का सामान भी बरामद कर लिया गया है।
घटनाक्रम: लापता होने से शव मिलने तक
15 अक्टूबर 2026 को त्रिगाम स्थित पुलिस पिकेट से एसपीओ बशीर अहमद अपने सर्विस हथियार के साथ अचानक लापता हो गए। उनके गायब होने की सूचना मिलते ही किश्तवाड़ पुलिस ने कई टीमें बनाकर तलाशी अभियान शुरू किया।
16 अक्टूबर को तलाशी के दौरान पहले उनका सर्विस हथियार मिला और इसके बाद त्रिगाम जंगल के सेरान वानी इलाके में एक नाले के पास गड्ढे में दबा हुआ उनका शव बरामद किया गया।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं
जांच के दौरान पुलिस ने दो संदिग्धों की पहचान की — अब्दुल अजीज डार के पुत्र बशीर अहमद डार और बशीर अहमद डार के पुत्र नजीर अहमद डार। दोनों त्रिगाम के सेरान वानी के निवासी हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ में हत्या के पीछे के मकसद और साजिश का पता चला है। उनकी निशानदेही पर अपराध में इस्तेमाल किया गया हथियार और मृतक का सामान भी जब्त कर लिया गया। हालाँकि, पुलिस ने अभी तक सार्वजनिक रूप से हत्या के मकसद का खुलासा नहीं किया है।
कानूनी कार्रवाई
किश्तवाड़ पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक मामले की आगे की जांच जारी है।
एसपीओ की भूमिका और महत्व
जम्मू-कश्मीर पुलिस में स्पेशल पुलिस ऑफिसर (एसपीओ) एक सहायक बल के रूप में काम करते हैं। इन्हें 1995 में शुरू की गई एक योजना के तहत अनुबंध/अस्थायी आधार पर भर्ती किया जाता है, जिसका मूल उद्देश्य आतंकवाद से निपटने में नियमित बलों की मदद करना था।
एसपीओ आतंकवाद विरोधी अभियानों, गश्त, भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक व्यवस्था और स्थानीय पुलिसिंग कार्यों में चौबीसों घंटे सेवाएँ देते हैं। यह घटना ऐसे समय में आई है जब किश्तवाड़ और आसपास के जिलों में सुरक्षा बलों पर दबाव का माहौल बना हुआ है।
आगे की जांच
पुलिस ने पुष्टि की है कि दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और मामले में अन्य संभावित कोणों की भी जांच की जा रही है। हत्या के पूरे षड्यंत्र का खुलासा होने तक जांच का दायरा बढ़ाया जा सकता है।