पुलवामा में संयुक्त सुरक्षा बलों ने संदिग्ध तौसीफ अहमद डार को किया गिरफ्तार, हथगोला व राष्ट्रविरोधी पोस्टर बरामद
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त सुरक्षा बलों ने 2 अगस्त 2026 को पुलवामा के राजपोरा स्थित फ्रूट मंडी के निकट एक नाकाबंदी अभियान के दौरान एक संदिग्ध को हिरासत में लिया। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान पुलवामा निवासी तौसीफ अहमद डार के रूप में हुई है। यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियाँ कुलगाम हमले के बाद आतंकवाद-विरोधी अभियान को तेज़ कर रही हैं।
बरामदगी का विवरण
तलाशी के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने तौसीफ अहमद डार के पास से एक हथगोला, एक मोबाइल फोन और तीन राष्ट्रविरोधी पोस्टर बरामद किए। राजपोरा पुलिस स्टेशन में एफआईआर संख्या 107/2026 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जाँच जारी है।
कुलगाम हमले की पृष्ठभूमि
इससे पहले शुक्रवार को कुलगाम के केल्लम गाँव में हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो गैर-स्थानीय मज़दूर मारे गए। अधिकारियों के अनुसार, दूसरे घायल मज़दूर ने शनिवार की सुबह श्रीनगर के एक अस्पताल में गंभीर चोटों के कारण दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या दो हो गई।
उपराज्यपाल की उच्च स्तरीय बैठक
कुलगाम हमले के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने आतंकवादियों को निष्क्रिय करने के लिए गहन और प्रभावी आतंकवाद-विरोधी अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही सभी उपायुक्तों और एसएसपी को जम्मू-कश्मीर के बाहर से आने वाले मज़दूरों की सुरक्षा के लिए स्थापित मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) की व्यापक समीक्षा करने का निर्देश दिया गया।
प्रवासी मज़दूरों की सुरक्षा के निर्देश
उपराज्यपाल सिन्हा ने नियोक्ताओं को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि अन्य राज्यों से आने वाले श्रमिकों को बीमा कवर प्रदान किया जाए और उनका विवरण स्थानीय पुलिस व ज़िला अधिकारियों के पास पंजीकृत हो। उन्होंने कुलगाम हमले के पीड़ितों के लिए सम्मानजनक अंतिम संस्कार सुनिश्चित करने और शोक संतप्त परिवारों को पूर्ण सहयोग देने का भी आदेश दिया।
अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा समीक्षा
बैठक में चल रही श्री अमरनाथजी यात्रा के लिए सुरक्षा व्यवस्था और सुरक्षा गलियारों को मज़बूत करने के उपायों की भी समीक्षा की गई। गौरतलब है कि यात्रा के दौरान हर वर्ष लाखों श्रद्धालु घाटी में आते हैं, जिससे सुरक्षा का दबाव और बढ़ जाता है। आने वाले दिनों में सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता और तेज़ होने की संभावना है।