क्या जेएनयू में 21 जनवरी से खेलों का महाकुंभ 'जेएनयू ओलंपिक 2.0' शुरू होगा?
सारांश
Key Takeaways
- जेएनयू ओलंपिक 2.0 का आयोजन 21 से 23 जनवरी तक होगा।
- यह आयोजन छात्रों के खेल कौशल को प्रदर्शित करेगा।
- अभाविप ने सकारात्मक और रचनात्मक वातावरण तैयार करने पर जोर दिया है।
- खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए, बल्कि नेतृत्व क्षमता के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।
- यह महाकुंभ जेएनयू की ऊर्जावान पहचान को स्थापित करेगा।
नई दिल्ली, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में 21 जनवरी से तीन दिवसीय खेल महोत्सव 'जेएनयू ओलंपिक 2.0' का भव्य शुभारंभ होने जा रहा है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जेएनयू इकाई के नेतृत्व में आयोजित यह खेल महाकुंभ 21, 22 और 23 जनवरी तक चलेगा, जिसमें विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्र अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य परिसर में स्वस्थ खेल संस्कृति को बढ़ावा देना और छात्रों के बीच अनुशासन व सामूहिक भावना का संचार करना है। जेएनयू ओलंपिक 2.0 के तहत खो–खो और एथलेटिक्स जैसी विभिन्न खेल विधाओं में छात्र-छात्राएं अपना कौशल दिखाएंगे।
अभाविप का मानना है कि खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं, बल्कि ये युवाओं में नेतृत्व क्षमता और 'राष्ट्र प्रथम' की भावना भी विकसित करते हैं। जहां कुछ संगठन छात्रों को केवल नकारात्मक विमर्श में उलझाए रखते हैं, वहीं अभाविप ने इस ओलंपिक के माध्यम से परिसर में एक सकारात्मक और रचनात्मक वातावरण तैयार किया है।
प्रशासन की विभिन्न बाधाओं के बावजूद, यह सुनिश्चित किया गया है कि खिलाड़ियों को उचित मंच और सम्मान प्राप्त हो।
अभाविप जेएनयू इकाई अध्यक्ष मयंक पांचाल ने कहा कि जेएनयू ओलंपिक 2.0 का आयोजन विश्वविद्यालय में सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है। हम खेलों के माध्यम से छात्रों को एक गौरवशाली और अनुशासित भविष्य की ओर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह महाकुंभ जेएनयू की नई और ऊर्जावान पहचान को स्थापित करेगा।
अभाविप जेएनयू मंत्री प्रवीण पीयूष ने कहा कि 21 से 23 जनवरी तक चलने वाला यह आयोजन प्रत्येक छात्र की खेल भावना का उत्सव है। अभाविप ने यह सिद्ध किया है कि जेएनयू का युवा केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि मैदान पर भी लोहा मनवाने का सामर्थ्य रखता है। हम सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हैं।